क्या 21 दिनों में 3 महिलाओं की जान लेने वाला तेंदुआ एक ही? ट्रैप कैमरों से 'आदमखोर' की पहचान में जुटा वन विभाग
मुरादाबाद के रामगंगा खादर में 21 दिन के भीतर तीन महिलाओं की जान लेने वाले तेंदुए की पहचान के लिए ...और पढ़ें

तेंदुए का प्रतीकात्मक इमेज
HighLights
घटनास्थलों के आसपास ट्रैप कैमरों में कैद तस्वीरों से ही होगी खूंखार की पहचान
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। रामगंगा के खादर क्षेत्र में तीन महिलाओं की जान लेने वाला तेंदुआ एक ही है या अलग-अलग, वन विभाग अब इसकी गुत्थी सुलझाने में जुटा है। 21 दिन के भीतर तीन महिलाओं की मौत ने इस आशंका को गंभीर बना दिया है कि हमलों के पीछे एक ही खूंखार तेंदुआ हो सकता है।
इसकी पुष्टि के लिए वन विभाग ने घटना वाले गांवों और तेंदुए की आवाजाही वाले रास्तों पर वीडियो ट्रैप कैमरे लगवाए हैं। कैमरों में कैद होने वाली तस्वीरों से तेंदुए के शरीर के आकार, चेहरे, धब्बों और दूसरे पहचान चिह्नों का मिलान किया जाएगा।
ठाकुरद्वारा तहसील के लालापुर पीपलसाना गांव में तीन अगस्त को खेत पर काम कर रहीं संतोष देवी पर तेंदुए ने हमला कर मार डाला था। इसी क्षेत्र के आठ किलोमीटर के दायरे में 18 अगस्त को बलिया गांव में खेत पर काम कर रहीं विरमो देवी को तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया।
25 अगस्त को बलिया गांव की ही मिथलेश सैनी पर हमला कर मार दिया था। इसके अलावा 14 अगस्त को नरपत सिंह पर तेंदुए ने हमला किया था। वह गंभीर रूप से घायल हैं और जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं।
लगातार हो रहे हमलों के बाद खादर क्षेत्र के ग्रामीणों का मानना है कि तीनों महिलाओं की जान लेने वाला तेंदुआ एक ही हो सकता है।ग्रामीणों की इसी आशंका को देखते हुए वन विभाग अब वैज्ञानिक तरीके से तेंदुए की पहचान करने में जुटा है।
वन विभाग कैमरों में आने वाले तेंदुओं की तस्वीरों का पहले पकड़े जा चुके तेंदुओं से भी मिलान कर सकता है। शरीर पर बने धब्बों का पैटर्न, चेहरे की बनावट, आकार और अन्य विशिष्ट पहचान चिह्नों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास होगा कि हमलावर तेंदुआ पहले पकड़े गए दस तेंदुओं में से कोई है या क्षेत्र में अभी भी मौजूद नया तेंदुआ है।
चश्मदीदों से भी कराई जाएगी पहचान
घटनाओं के चश्मदीदों और आसपास के ग्रामीणों को कैमरों में कैद तेंदुए की तस्वीरें दिखाकर भी पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। वन विभाग इन सभी तथ्यों को जुटाकर शासन को रिपोर्ट भेजेगा।
यदि एक ही तेंदुए द्वारा तीनों महिलाओं की हत्या किए जाने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए शासन स्तर से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
वन संरक्षक आदर्श कुमार ने बताया कि टीमें तेंदुओं को पकड़ने के लिए लगातार काम कर रही हैं। अब तक दस तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। घटना वाले गांवों के आसपास वीडियो ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं और पगचिह्न भी देखे जा रहे हैं। एक ही तेंदुए द्वारा महिला पर हमला किए जाने की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
