मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Commissioner helped in Treatment : मां की आंखों के सामने जब बेटा मौत से संघर्ष कर रहा हो तो मां के दिल पर जो बीतती है वह केवल मां ही समझ सकती है। खासकर जब बेटे के इलाज के लिए उसके पास पूंजी भी न हो। ऐसे में उसके बेटे को बचाने के लिए कोई आगे आए तो वह किसी देवता से कम है। ऐसी ही एक मां के लिए मुरादाबाद के मंडलायुक्त आन्‍जनेय कुमार सिंह फरिश्ता बनकर सामने आए। अस्पताल में भर्ती युवक के इलाज के लिए अपने पास से न केवल बिल भरा, बल्कि पूरे परिवार की सभी प्रकार की मदद का इंतजाम कर दिया।

मुरादाबाद मंडल के जिला बिजनौर के थाना क्षेत्र स्योहारा के गांव बुढ़नपुर का रहने वाला विशाल दो अक्तूबर को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। पहले उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दी। इसके बाद युवक को मुरादाबाद के साईं अस्पताल में भर्ती कराया। मां सरिता देवी के पास जो कुछ भी जमा पूंजी थी, वह एक दो दिन में ही खर्च हो गई। सरिता देवी के पास आय का भी कोई जरिया नहीं है। डेढ़ साल पहले ही उनके पति की मौत हो चुकी है। बेटे के इलाज का खर्च उठाने के लिए सरिता देवी चंदा मांगने को मजबूर हो गईं।

विशाल के दोस्तों ने एक वाट्सएप ग्रुप बना दिया। इसमें लोगों से इलाज में मदद की अपील की गई। लोगों ने जो संभव हुआ उतनी मदद की। लेकिन, घायल युवक को इलाज के लिए इतने रुपये काफी नहीं थे। तब किसी ने सरिता देवी को सलाह दी कि जरूरतमंदों के लिए सरकारी फंड भी होता है। तब सरिता देवी ने मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर मदद की गुहार लगाई। हालात की गंभीरता और सरिता देवी की हालत को समझते हुए मंडलायुक्त आन्‍जनेय कुमार सिंह ने उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए तत्काल अस्पताल प्रबंधन को फोन किया। कहा कि युवक केे इलाज में कोई कमी नहीं होनी चाहिए जो भी संभव होगा उसका बिल हम भरवाएंगे। मंडलायुक्त कार्यालय से अस्पताल पहुंचीं सरिता देवी से चिकित्सकों ने बिल की चिंता नहीं करनी केे सलाह दी और बेहतर उपचार का भी भरोसा दिलाया, इससे मां को नया हौसला मिला। बेहतर उपचार के बाद विशाल पूरी ठीक हो रहा है, उसे जल्द छुट्टी भी मिल जाएगी। सरिता देवी का कहना था, उसके बेटे को नया जीवन मिला है। मंडलायुक्त ने जिस प्रकार से मदद की है, वह कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका एक छोटा बेटा भी है।

सरकारी मदद के भरोसे नहीं रह सकते : मंडलायुक्त आन्‍जनेय कुमार सिंह का कहना है कि गरीब परिवारों की मदद के लिए सरकारी फंड की व्यवस्था है लेकिन जिस स्थिति में मां अपने बच्चे के उपचार की गुहार लगा रही थी उससे सरकारी मदद जल्‍द म‍िल पाना मुश्किल था क्योंकि इस प्रक्रिया में एक लंबा समय लगता है। ऐसे में कुछ अपने पास से व अन्य समाजसेवी संस्थाओं के माध्यम से सहयोग कर घायल बच्चे का उपचार कराया गया।

जल्द बनेगा चाइल्ड केयर फंड : कम‍िश्‍नर का कहना है क‍ि मुरादाबाद में नियुक्ति के बाद से मैं चाइल्ड केयर फंड की स्थापना का प्रयास कर रहा हूं जिसके माध्यम से जरूरतमंदों को उपचार व अन्य प्रकार की मदद मिल सके।  प्रयास है जल्दी ही चाइल्ड केयर फंड से मदद म‍िलनी शुरू हो जाएगी। रामपुर में इस प्रकार का फंड बनाकर अनेक बच्चों को मदद दी जा चुकी है और यह प्रक्रिया जारी है।

Edited By: Narendra Kumar