मुरादाबाद, जेएनएन। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक साल पहले कोरोना महामारी चलते सजा पाए कुछ बंदियों को कारागार से छोड़ने के आदेश जारी क‍िए गए थेेे। इस आदेश के बाद जिला कारागार से बंदियों को छोड़ने की कार्रवाई की गई थी। लेकिन दिसंबर 2020 तक सभी छोड़े गए बंदियों को वापसी के आदेश जारी किए गए थे। सजायाफ्ता के छोड़े गए पांच बंदी एक साल बाद भी वापस नहीं लौटे हैं। इन बंदियों को कारागार में वापस लाने के लिए संभल, अमरोहा और मुरादाबाद के पुलिस अधीक्षकों को जेल प्रशासन के द्वारा पत्र भेजा गया है। लेकिन जेल से छूटने के बाद यह बंदी कहां चले गए, इनके बारे में कोई जानकारी जेल प्रशासन और पुलिस के पास नहीं है।

कोरोना महामारी में शारीरिक दूरी पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन जेल के अंदर क्षमता से चार गुना बंदी अधिक होने के कारण इस नियम का पालन नहीं हो पा रहा है। इसी चिंता के चलते सुप्रीम कोर्ट ने जेल में सजा काट रहे बंदियों को छोड़ने का आदेश जारी किया था। बीते वर्ष शासन के 85 सजायाफ्ता और 621 अंडर ट्रायल बंदियों को छोड़ा था। लेकिन दिसंबर 2020 तक लगभग सभी बंदी जेल में दाखिल हो चुके थे, जबकि अमरोहा,संभल और मुरादाबाद के पांच बंदियों की वापसी अभी तक नहीं हो पाई है। जेल से छूटने के समय इन बंदियों के द्वारा जो पता दिया गया था, वहां पर यह बंदी नहीं मिले। इन बंदियों को खोजने के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने तीनों जनपदों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र भी लिखा है। लेकिन पुलिस भी अभी तक इन पांच बंदियों को पता नहीं लगा सकी है।

 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप