मुरादाबाद, जेएनएन। मझोला थाना क्षेत्र से गायब हुए इरशाद का शव डिलारी थाना क्षेत्र में तालाब किनारे पड़ा मिला था। डिलारी पुलिस ने हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित ने बताया कि डेढ़ लाख रुपये न देने के लिए इरशाद की हत्या की गई थी। दो आरोपित अभी फरार हैं।

सीओ ठाकुरद्वारा डॉ. अनूप कुमार यादव ने बताया कि डिलारी थाना क्षेत्र के गांव काजीपुरा में 11 मई को इरशाद का शव तालाब के किनारे पड़ा मिला था। गमछे से गला घोंटकर हत्या करने के बाद आरोपित शव को तालाब के किनारे फेंक गए थे। छह मई से घर से गायब होने पर मृतक की पत्नी आसिया ने मझोला थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शव मिलने के बाद मझोला पुलिस ने मृतक की पत्नी को लाकर शव की शिनाख्त कराई थी। इरशाद मूल रूप से ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के मुहल्ला माता वाली वार्ड नंबर 18 का निवासी था। फिलहाल वह मझोला थाना क्षेत्र के जयंतीपुर चौकी क्षेत्र के तिकोनिया मस्जिद के पास किराए के मकान में रहता था। डिलारी थाना पुलिस ने सिहाली खद्दर गांव निवासी फइम को गिरफ्तार कर हत्याकांड का पर्दाफाश किया। पूछताछ में नफीस ने बताया कि इरशाद और उसकी पत्नी आसिया अपने दो माह के पुत्र शानू के साथ करीब डेढ़ साल पहले चोरी के आरोप में ठाकुरद्वारा थाना पुलिस ने जेल भेजा था। जेल में आसिया की मुलाकात डिलारी थाना क्षेत्र के सिहाली खद्दर गांव निवासी नवाब की पत्नी मुमताज उर्फ पतली से हुई। मुमताज उर्फ पत्ली थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में डकैती डालने की घटना में जेल भेजी गई थी। दोनों में जेल में दोस्ती हो गई। आरोपित फईम ने बताया कि मुमताज इरशाद के पुत्र शानू को पसंद करने लगी थी। उसने बच्चे को गोद लेने की इच्छा जाहिर की थी। बातचीत के बाद डेढ़ लाख रुपये देने पर बच्चा देने की बात तय हो गई थी। दो माह पूर्व इरशाद व उसकी पत्नी आसिया के साथ ही मुमताज जमानत पर जेल से बाहर आए। मुमताज ने शानू को गोद ले लिया और डेढ़ लाख रुपये कुछ दिन में देने का वादा किया। रुपये मांगने मुमताज पैसे देने में टाल-मटोल करने लगी। छह मई को इरशाद ने मुमताज को फोन करके पैसे मांगे, तब मुमताज ने उसे रुपये लेने के लिए अपने गांव बुला लिया। हत्या की साजिश रचते हुए मुमताज ने अपने भाई मुस्तफा तथा उसके दोस्त फईम को घर बुला लिया था। शाम को इरशाद मुमताज के घर पहुंचा तो उसने इरशाद को शराब पिलाई। जब वह नशे में धुत हो गया तो काजीपुरा के जंगल में जाकर गमछे से गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। तालाब में उसका शव को फेंक दिया। दस मई की रात को हत्यारोपित फिर घटनास्थल पर गए और तालाब से इरशाद का शव बाहर निकालकर किनारे पर डालकर भाग गए। सीओ ने बताया कि इस हत्या में शामिल आरोपित फईम को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी मुमताज उर्फ पतली और उसका भाई मुस्तफा फरार हैं।

 

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