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मुरादाबाद में बुजुर्गों की मुखबिरी कर रहे लोकल गुर्गे! 15 दिनों में 11 पर अटैक, 41 लाख उड़े

Published: Fri, 11 Sep 2026 05:08 PM (IST)

मुरादाबाद में साइबर ठग अकेले रहने वाले बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं, बीते 15 दिनों में 11 पर हमला ...और पढ़ें

एआई इमेज है।

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HighLights

  1. जागरूकता ने बचाई नौ बुजुर्गों की धनराशि, अन्य पर भी अटैक होने का डर

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। साइबर ठगों ने अब मुरादाबाद में अकेले रहने वाले बुजुर्गों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। आशंका है कि शहर में सक्रिय ठगों के गुर्गे सेवानिवृत्त और अकेले रहने वाले बुजुर्गों की जानकारी दूसरे राज्यों में बैठे साइबर ठगों तक पहुंचा रहे हैं। इसके बाद ठग फोन करके बुजुर्गों को किसी मामले में फंसने का भय दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर रहे हैं।

बीते 15 दिनों में साइबर ठग 11 बुजुर्गों को निशाना बना चुके हैं। इनमें दो मामलों में 41 लाख रुपये की ठगी हुई, जबकि जागरूकता के चलते नौ बुजुर्गों ने ठगों के मंसूबों को नाकाम कर दिया।

पुलिस के अनुसार, साइबर ठग खासतौर पर ऐसे बुजुर्गों की तलाश कर रहे हैं जो किसी विभाग से सेवानिवृत्त हैं और घर में अकेले रहते हैं। ठग स्वयं को पुलिस, सीबीआइ, नारकोटिक्स या अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो काॅल करते हैं।

इसके बाद बैंक खाते या किसी कथित आपराधिक मामले में नाम आने की बात कहकर बुजुर्गों को डराया जाता है। तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों में बैठे गिरोह के सदस्य उन्हें कई घंटे या कई दिनों तक वीडियो काल पर निगरानी में रखते हैं।

मुरादाबाद में इस तरह की पहली घटना 25 अगस्त को सिविल लाइंस क्षेत्र में सामने आई थी। सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी की पत्नी को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर दो दिन तक निगरानी में रखा। इस दौरान उनसे करीब 14 लाख रुपये ठग लिए गए।

वह घर में अकेली रहती हैं। दूसरी घटना 31 अगस्त की है, जिसकी प्राथमिकी तीन सितंबर को दर्ज हुई। साइबर ठगों ने बुजुर्ग दंपती को करीब चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा।

अलग-अलग प्रक्रिया और कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे करीब 27 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। इसके अलावा रामगंगा विहार के तीन, बुद्धि विहार के दो और कटघर के पीतल बस्ती निवासी एक बुजुर्ग समेत अन्य लोगों को भी ठगों ने अपना निशाना बनाया। हालांकि इन मामलों में समय रहते सतर्कता बरतने से धनराशि बच गई।

पुलिस ने बढ़ाई निगरानी

लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद पुलिस ने ऐसे बुजुर्गों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। एसपी क्राइम सुभाषचंद्र गंगवार ने बताया कि अनजान नंबर से आने वाली वीडियो काल पर किसी भी व्यक्ति को अपनी बैंक संबंधी जानकारी नहीं देनी चाहिए।

किसी सरकारी एजेंसी की ओर से डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कार्रवाई नहीं की जाती। साइबर पुलिस लगातार अकेले रहने वाले बुजुर्गों को जागरूक कर रहे हैं।

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