मुरादाबाद, जेएनएन। जिले की आबादी तकरीबन 35 लाख है लेकिन, चार माह में 17 हजार 594 लोगों के नमूने लिए जा चुके है। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक वहां-वहां नमूने संकलित कराए हैं, जहां पॉजिटिव मरीज निकले। चार मोबाइल वैन के साथ अस्पतालों में भी नमूने लेने की व्यवस्था की गई है। इतनी आबादी में सिर्फ साढ़े 17 हजार नमूने लिए गए। हालात खराब हो रहे हैं। विभागीय अधिकारियों को कोरोना संक्रमित मरीजों को ट्रेस करने के लिए प्रतिदिन नमूनों की संख्या बढ़ानी पड़ेगी। अभी तक सभी नमूने लखनऊ केजीएमयू भेजे जा रहे हैं। संक्रमित का आंकड़ा एक जुलाई से बढ़ा है। अब तक मुरादाबाद में 29 लोग कोरोना संक्रमण से मर चुके हैं।

माह,    नमूने,      पॉजिटिव,      निगेटिव

अप्रैल, 1,830,      122,          1,633

मई,    4,341,       143,          4,177

जून,     6,983,      229,         6,734

जुलाई 10 तक,4,440,   240,    3,898

नोट- जिले में कोरोना संक्रमण से 29 लोगों की मौत हो चुकी है। 26 लोगों की रिपोर्ट दोबारा पॉजिटिव होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में 734 पॉजिटिव हैं। जबकि नए कोरोना संक्रमित दैनिक जागरण में 679 हैं।

जिला अस्पताल पैथलेब में लगी मशीनें, इंस्टालेशन बाकी

कोरोना की जांच के लिए जिला अस्पताल में पैथलैब का निर्माण हो चुका है। मशीन भी आ चुकी हैं लेकिन, अभी इंस्टालेशन और कर्मचारियों का प्रशिक्षण बाकी है। इसके बाद कोरोना संक्रमण की जांच हो पाएगी। फिलहाल ट्रूनेट मशीन पर इमरजेंसी मरीजों के लिए 15 से 20 जांचे प्रतिदिन हो रही हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारी मिलने के बाद प्रतिदिन कितनी जांच हो पाएगी ये तब ही कहा जा सकेगा।

नमूने का काम धीमा, नहीं हो पा रही टेस्टिंग 

कोरोना संक्रमण के फैलाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को कम से कम 10 मोबाइल टीमें तैयार करनी चाहिए थी। इससे शहर और गांव-देहात में चेकिंग शुरू हो जाती। संक्रमण फैलने से भी रुक जाता।

10 दिन में लिए साढ़े चार हजार नमूने

स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एक से 10 जुलाई तक करीब साढ़े चार हजार नमूने लिए हैं। संक्रमित लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराने के साथ ही इलाज की व्यवस्था कराई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का प्रयास रहा कि संक्रमित दूसरों में सक्रमण न फैला सकें।

विदेश और प्रवासियों के साथ ही जिले में आशंकितों के नमूने कराए गए हैं। हमारी चार मोबाइल टीमें लगी हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल, एल-वन श्रेणी के अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों के भी नमूने कराए जा रहे हैं। रेंडम नमूने भी लिए गए हैं। हमारे यहां ठीक होने वालों का आंकड़ा भी ठीक हैं। लोग सावधानी बरतेंगे तो संक्रमितों का आंकड़ा भी कम होगा।

डॉ एमसी गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी 

Posted By: Narendra Kumar

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