मुरादाबाद, जेएनएन। कोरोना संक्रमण से बचाव का सबसे कारगर उपाय स्वस्थ शरीर है। इसके लिए सरकार शरीर की इम्‍युन‍िटी बढ़ाने पर जोर दे रही है। वहीं, प्रदेश सरकार की ओर से कोविड अस्पताल में रोगियों को केवल चार रोटी और दाल उपलब्ध कराई जा रही है। इतना ही नहीं यह खाना भी संक्रमितों को निर्धारित समय पर नहीं दिया जा रहा है, इसके कारण राेगी या तो समय से दवा नहीं खा पा रहे हैं या फिर उन्हें खाली पेट दवाई खानी पड़ती है। दूसरी ओर रेलवे के अस्पताल में संक्रमित रोगियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए तीन सौ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जबकि जिला अस्पताल में मात्र 90 रुपये का भुगतान किया जा रहा है।

सरकारी सिस्टम की लापरवाही से रोगियों की हालत सुधरने के बजाय बिगड़ रही है। सरकार ने कोरोना संक्रमित के इलाज पर और कोरोना से लोगों को बचाने के लिए खजाने का मुंह खोल रखा है। महंगी से महंगी दवाई तक उपलब्ध कराई जा रही हैं। केंद्र सरकार ने कोविड गाइड लाइन के तहत संक्रमित रोगियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने का आदेश दे रखा है। महिला अस्पताल के बने नए भवन को कोविड अस्पताल एल टू बनाया है। जहां सौ रोगियों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन ने रोगियों के इलाज के लिए महंगी से महंगी निश्शुल्क दवाई उपलब्ध कराई है। वहीं, संक्रमितों के खाने की व्यवस्था प्रसूता को खाना उपलब्ध कराने वाली एजेंसी को सौंप दी गई। एजेंसी को प्रतिदन प्रति रोगी 90 रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा है। एजेंसी संचालक सुबह सौ ग्राम दूध, दो केला, दोपहर में चार रोटी, मसूर या मूंग की पचास ग्राम दाल, बीस ग्राम आलू की सब्जी उपलब्ध कराते हैं। समय से खाना नहीं मिलता है। दूसरी ओर प्रदेश सरकार ने रेलवे अस्पताल को कोविड अस्पताल एल वन बनाया है। यहां 45 कोरोना संक्रमित रोगियों के इलाज की व्यवस्था की गई है। रेलवे मंत्रालय के आदेश पर केंद्र सरकार के कोरोना गाइड लाइन के तहत संक्रमित रोगियों को तीन सौ रुपये प्रति दिन के आधार पर पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। यहां संक्रमित रोगियों को सुबह दूध, पराठा, दोपहर में चावल रोटी, दाल, हरी सब्जी, चार बजे चाय के साथ हल्का नाश्ता और रात में पौष्टिक आहार दिया जाता है। यह सब निर्धारित समय पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है।

दूसरी लहर आने पर खानपान की व्‍यवस्‍था एल टू अस्पताल में चालू की गई थी। ऐसे में खाने की व्यवस्था महिला अस्पताल में खाना देने वाली एजेंसी को ही सौंप दी गई। उसे पूर्व में जो भुगतान हो रहा था, वही अब दिया जा रहा है। इसमें बदलाव कर राेगियों को पौष्टिक आहार की व्यवस्था की जा रही है।

डॉ. महेश चंद्र गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मुरादाबाद

कोविड की गाइड लाइन के अनुसार कोरोना संक्रमित रोगियों के भोजन के प्रतिदिन पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। शासन की ओर से निर्धारित 300 रुपये प्रति रोगी के हिसाब से खर्च किए जा रहे हैं।

डॉ. जगदीश चंद्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, रेलवे अस्पताल

 

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