मुरादाबाद, जेएनएन। कोरोना संक्रमण सीधे साइलेंट किलर के रूप में फेफड़ों पर वार कर अपना घर बना रहा है। आरटीपीसीआर और एंटीजन किट की जांच में वह उजागर नहीं होता, बल्कि सिटी स्कैन और एक्स-रे की जांच में ही वह पकड़ में आता है।

अमरोहा के एसीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि व्यक्ति के फेफड़ों में संक्रमण फैलने से उसकी हालत बिगड़ जाती है और उसकी मौत हो जाती है। उन्होंने इससे बचने लिए आरटीपीसीआर जांच के साथ-साथ फेफड़ों का सिटी स्कैन कराने की सलाह दी है। जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ ने बताया कि कोरोना का नया स्ट्रेन बहुत खतरनाक है और यह साइलेंट किलर के रूप में तेजी से उभर रहा है। यह व्यक्तियों के फेफड़ों पर सीधे अटैक कर रहा है। बताया कि यह संक्रमण आरटीपीसीआर व एंटीजन की जांच में पकड़ में नहीं आ रहा। जांच में सामान्य निकलने पर व्यक्ति निश्चित हो जाते हैं, लेकिन यह संक्रमण धीरे-धीरे फेफड़ों को संक्रमित करता है। जिससे तीन चार दिन में व्यक्ति को परेशानी हाेने लगती है और वह झोलाछापों के इलाज के चक्कर में पड़ जाते हैं। जिससे झोलाछाप तुरंत ड्रिप लगा देते हैं। जिससे उनकी हालत बिगड़ने पर मौत हो जाती है। अगर किसी व्यक्ति की आरटीपीसीआर और एंटीजन की जांच में कोरोना की पुष्टि नहीं होती है तो वह इसे हल्के में न ले, हो सकता है फेफड़े में संक्रमण छिपा हो। लिहाजा उसे अपने सीने का सीटी स्कैन करा लेना चाहिए।

यह भी पढ़ें :-

यूपी के मुरादाबाद में शवों की अदला-बदली, कब्र से न‍िकलवाया ह‍िंंदू समुदाय के बुजुर्ग का शव, श्‍मशान में सज गई नासिर की च‍िता

Moradabad Coronavirus News : सिटी मजिस्ट्रेट, दो सरकारी डॉक्टर समेत 412 कोरोना संक्रमित, पांच की मौत

Moradabad Weather : तीन द‍िन तक खराब रह सकता है मौसम, हो सकती है बारिश, छाए रहेंगे बादल

Edited By: Narendra Kumar