मुरादाबाद, जेएनएन। महिला शरणालय में पांच साल से अधीक्षिका नहीं मिली हैं। मंडल कार्यालय की बाबू विनोद वाला श्रीवास्तव को अधीक्षिका की कमान सौंपी गई है। यही हाल बाल संप्रेक्षण गृह का है। यहां सुपरवाइजर रामप्रताप के पास अधीक्षक का चार्ज है। दोनों संस्थाओं के लिए कई साल से अधिकारियों की मांग की जा रही है। लेकिन, अभी तक किसी संस्था के लिए अधिकारी नहीं मिला है जबकि कई पत्र उप निदेशक महिला एवं बाल कल्याण राजेश कुमार गुप्ता शासन को लिख चुके हैं।

प्रदेश सरकार महिलाओं के कल्याण के ल‍िए कार्य करने के दावे कर रही है। लेकिन, महिलाओं के लिए काम करने वाले विभाग के मुखिया जिला प्रोबेशन अधिकारी का पद पिछले पांच साल से रिक्त चल रहा है। उप निदेशक महिला कल्याण राजेश कुमार गुप्ता जिला प्रोबेशन अधिकारी काम भी देख रहे हैं। उप निदेशक ने शासन को एक नहीं अनेक पत्र लिखे हैं। उन्होंने डीपीओ की तैनाती की मांग की है। इसके बाद भी अभी तक यहां डीपीओ की नियुक्ति नहीं हुई। उनकी बात को लखनऊ में बैठे अधिकारी अनसुना कर देते हैं। जिले में घरेलू हिंसा के 345 मामले चल रहे हैं। लेकिन, डीपीओ का पद खाली होने की वजह से इन मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। काउंस‍िल‍िंंग के नाम पर प्रोबेशन विभाग में खानापूरी हो रही है। इसके अलावा बच्चों के साथ होने वाले अपराध, पैरोल पर रिहाई, महिला उत्पीड़न, किशाेर आपचारी और अनाथ बच्चों के संरक्षण और निगरानी का काम भी डीपीओ के द्वारा ही क‍िया जाता है। लेकिन, उप निदेशक के पास चार्ज होने से तमाम मामले लंबित हो जाते हैं। इसे लेकर महिला कल्याण विभाग पर सवाल खड़ा हो रहा है। उप निदेशक राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि शासन को लगातार पत्र लिख रहा हूं। लेकिन, अभी तक शासन ने नहीं सुनी है। कार्यवाहक अधीक्षिका के रिटायर होने पर मंडल कार्यालय में तैनात लिपिक को महिला शरणालय का प्रभारी बनाया है।

 

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