दुबई (संजय मिश्र) श्री श्री रविशंकर ने शारजाह में बड़ी संख्या में दुनिया भर से आए श्रमिकों को ध्यान के जरिये शांति और विकास से जुडऩे का गुर बताया। फुजैरा, शारजाह से लेकर दुबई तक समूचे यूएई पर ध्यान व योग से जुडऩे की ललक ऐसी रही कि दुबई के वर्ड ट्रेड सेंटर का विशाल सभागार खचाखच भरा रहा। जाति, मजहब और देशों की सीमा के बंधन से दूर लोगों ने तालियां बजाकर ध्यान व योग में दिलचस्पी दिखाई। इसमें दुबई की रॉयल फैमिली की महिलाओं की उपस्थिति खास रही, जिन्होंने 37 मिनट तक श्री श्री के साथ ध्यान लगाया। उन्होंने दुबई में आगे भी ऐसे शिविर लगाने का अनुरोध किया।

श्री श्री ने कराया ३७ मिनट ध्यान 

हाल के दिनों में यूएई में बढ़ी आत्महत्या की घटनाओं के पीछे अंधी प्रतिस्पर्धा से उपजी अशांति को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। श्री श्री रविशंकर ने अपने संबोधन में अशांति के कारणों पर विस्तार से प्रकाश डाला और मन की शुद्धता बनाये रखने पर जोर दिया। उन्होंने समझाया कि यदि शरीर ताकतवर और मन कमजोर है तो संतुलन बिगड़ जाएगा। ऐसी स्थिति में मजबूत शरीर किसी काम का नहीं रहेगा, लेकिन यदि मन मजबूत और शरीर थोड़ा कमजोर हो तो भी विकास की धारा में कदमताल करना आसान रहेगा। उन्होंने लोगों को लगभग 37 मिनट तक ध्यान कराया और यह भी समझाया कि नमाज अदा करने से किस तरह ध्यान से जुड़ा जाता है। उन्होंने ध्यान के कश्मीरी अध्याय विज्ञान भैरव के आधार पर अनवेलिंग इन्फिनिटी के सूत्र समझाए। इंतजार को केंद्र में रखकर बताया कि उसके दो तरह से दो धाराएं चलती हैं। एक-नकारात्मक और दूसरी सकारात्मक। दूसरी धारा धैर्य से आती है और यही शांति और विकास के नए द्वार खोलती है।

रॉयल परिवार ने प्रोटोकाल तोड़ा 

श्री श्री को फुजैरा के रॉयल परिवार ने विदाई दी। यहां के शासक शेख हमद बिन मुहम्मद अल शर्की और उनके परिवार के सदस्यों ने प्रोटोकाल तोड़कर श्री श्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। ऐसा पहली बार हुआ कि रॉयल परिवार की महिलाओं को भी श्री श्री के स्वागत के दौरान दरबार हॉल में सबके साथ बैठाया गया। इसके अलावा शासक के महल में महिलाओं के लिए अलग से आयोजन कर श्री श्री को आमंत्रित किया गया। वहां महिलाओं ने ध्यान और शांति को लेकर सवाल पूछे और श्री श्री के साथ सेल्फी ली। श्री श्री की इस यात्रा का सुखद परिणाम यह रहा कि फुजैरा से लेकर दुबई तक वह भारतीय दर्शन, योग और ध्यान से लोगों को जोडऩे में कामयाब रहे। यह उनका प्रभाव ही था कि प्रिंस क्राउन हमद बिन मुहम्मद शर्की ने खुद गाड़ी चलाकर श्री श्री को फुजैरा शहर घुमाया। उनके छोटे भाई भी साथ थे। 

Posted By: Rashid

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