मुरादाबाद, जेएनएन। स्थानांतरित अधिशासी अभियंता के डिजिटल सिग्नेचर का प्रयोग करके एमडीए में लगभग 40 करोड़ रुपये के प्रधानमंत्री आवासों के टेंडर निकाले थे। इस प्रकरण की जानकारी होने के बाद उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने एमडीए सचिव की जांच रिपोर्ट के आधार पर टेंडरों को निरस्त करते हुए पुन: नए डोंगल से कार्रवाई के आदेश दिए हैं। वहीं दोषी कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगने के साथ नियमानुसार कार्रवाई के लिए कहा गया है।

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) में आठ माह पहले स्थानांतरित हो चुके अधिशासी अभियंता राजीव दीक्षित के डोंगल का प्रयोग करते हुए प्रधानमंत्री आवासों के साथ ही विद्युत कार्य के टेंडर निकाले गए थे। बीते दिनों में सचिव प्रेरणा शर्मा ने जब टेंडर प्रक्रिया की फाइल में पुराने अधिशासी अभियंता का नाम देखा तो उन्होंने जांच की। पता चला कि स्थानांतरित हो चुके अधिशासी अभियंता के डिजिटल सिग्नेचर से टेंडर प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा था। एमडीए उपाध्यक्ष के निर्देश के बाद सचिव ने स्वयं इस मामले की जांच शुरू की, जिसके बाद इंजीनियरों और कंप्यूटर ऑपरेटरों सहित कुल सात लोगों से जवाब-तलब किया गया था। 

विद्युतीकरण और 750 पीएम आवासों के थे टेंडर

एमडीए के इंजीनियरों ने गलत डोंगल का प्रयोग करते हुए पाकबड़ा हाईवे में विद्युतीकरण के लिए पांच करोड़ रुपये के टेंडर निकाले थे,इसके साथ ही 750 पीएम आवासों के निर्माण के टेंडर निकले थे। इन सभी टेंडरों में तकनीकी गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद नए सिरे से पूरी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

दैनिक जागरण की खबर का लिया संज्ञान

स्थानांतरित अभियंता के डोंगल का प्रयोग करके टेंडर निकाले जाने की खबर का प्रकाशन दैनिक जागरण ने किया था। इसका संज्ञान लेते हुए एमडीए उपाध्यक्ष ने पूरे मामले में कार्रवाई के आदेश दिए थे।

स्थानांतरित अभियंता के डोंगल से जो टेंडर जारी किए गए थे,उन सभी को निरस्त करने का फैसला किया गया है। हालांकि यह किसी भी प्रकार की अनियमितता से जुड़ा मामला नहीं है। लेकिन तकनीकी रूप से यह गलत है। उपाध्यक्ष के निर्देश पर दोबारा से टेंडर निकाले की कार्रवाई की जाएगी।

प्रेरणा शर्मा, सचिव, एमडीए 

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस