मुरादाबाद, जेएनएन।  मंडल के रामपुर के ग्राम बेरुआ में विधवा महिला का मतांतरण कराने और उसके दो बच्चों के साथ जबरन खतना कराने के मामले में न्यायपीठ बाल कल्याण समिति ने स्वत: संज्ञान लेकर प्रकरण दर्ज किया है। चूंकि मामला नाबालिग बच्चों से संबंधित है और यह किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण आदर्श नियम 2016 के अंतर्गत आता है। इस संबंध में थाना शाहबाद प्रभारी को आदेशित किया है कि इस प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धाराओं के साथ-साथ किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण आदर्श नियम 2016 की धारा 75 के अंतर्गत भी कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस प्रकरण में अब तक क्या कार्रवाई हुई उसकी पूरी आख्या 18 जून तक न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करें।

यह है पूरा मामला : सैफनी में ग्राम बेरुआ में मतांतरण क‍िया गया। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज क‍िया है। पुलिस को पता चला कि गांव के महफूज पुत्र अंजार ने उत्तराखंड निवासी दो बच्चों की मां का मतांतरण कराकर उसके साथ निकाह किया है। पुलिस आरोपित के घर पहुंची। वहां पर एक चारपाई पर महिला तथा दूसरी चारपाई पर उसके दो बच्चे लेटे हुए थे। बच्‍चों का खतना क‍िया गया था। महिला ने पुलिस को बताया कि आठ मई को जसपुर उत्तराखंड में उसके पति की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। आरोपित महफूज उसके पति का दोस्त है वह दो-तीन वर्ष से उसको जानती है। महफूज ने एक सप्ताह पहले उसे बच्चों का सहारा देने के लिए यहां बुला लिया था। तीन दिन पहले महफूज ने मतांतरण कर उसके साथ निकाह कर लिया। 11 जून को महफूज व उसके पिता अंजार तथा मां मुमताज ने उससे कहा कि अपने दोनों बच्चों का जब खतना कराओगी, तब यहां रहने देंगे। इसके बाद दोनों बच्चों का खतना भी करा दिया और उसका नाम बदल द‍िया। मामले में पुलिस ने आरोपित युवक और इमाम समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं खतना होने से घायल दोनों बच्चों को सीएचसी शाहबाद में भर्ती कराया गया है।

Edited By: Narendra Kumar