मुरादाबाद। लोहड़ी का पर्व सोमवार यानि आज धूमधाम से मनाया जाएगा। पर्व पर लोहड़ी गीत के साथ भंगड़े पर सभी थिरकेंगे। इस बार खास यह है कि चौराहों व गलियों में सार्वजनिक रूप से लोहड़ी मनाएंगे।

इस पर्व पर जिस घर में शादी के बाद पहली लोहड़ी है या पहली संतान ने जन्म लिया है तो वहां विशेष रूप से लोहड़ी मनाई जाती है। घर में सरसों का साग मक्का की रोटी बनेगी। मूंगफली, रेवड़ी, भुनी हुई मक्का को चढ़ाने के बाद प्रसाद बांटा जाता है। यही नहीं लोहड़ी व मकर संक्रांति का पर्व वेब ग्रीन में 14 जनवरी को एक साथ मनाया जाएगा। हॉलीडे रीजेंसी, दीनदयाल नगर, ताड़ीखाना चौक, चंद्रनगर समेत कई क्षेत्रों में सार्वजनिक तरीके से लोहड़ी मनाई जाएगी।

तैयारियों में जुटी महिलाएं

सुंदर मुंदरिए, तेरा कौन विचारा हो, दुल्ला भट्टी वाला हो...। साड़े पैरा हेठ रोड, छेती-छेती तोर...। लोहड़ी महिलाएं गाएंगी। घरों में लोहड़ी मांगने की परंपरा भी है। अगर कोई लोहड़ी नहीं देता है, तो उस पर व्यंग करते हुए लोहड़ी गाई जाती है। हर्ष और उल्लास के पर्व को मनाने के लिए रविवार को मूंगफली, रेबड़ी और भुनी हुई मक्का खूब खरीदी गई। गुरमीत कौर का कहना है कि लोहड़ी पर्व उन घरों में विशेष रूप से मनाया जाता है, जिन घरों में नई शादी व संतान हुई है। खुशी में लोहड़ी गीत गाते हैं। जगजीत कौर ने बताया कि लोहड़ी मांगने के लिए घरों में युवक-युवतियां जाते हैं। नाचते-गाते लोहड़ी मांगने का रिवाज है। प्रियंका कौर के अनुसार गीत गाकर व जलती लोहड़ी में मूंगफली, रेवड़ी, मक्का को चढ़ा करके प्रसाद बांटा जाता है। गुरप्रीत छाबड़ा ने कहा कि लोहड़ी पर घरों में सरसों का साग व मक्के की रोटी विशेष रूप से बनती है। उल्लास व उमंग का पर्व है लोहड़ी।  

Posted By: Narendra Kumar

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