मुरादाबाद : इंडियन इंजीनिय¨रग सर्विसेज (आइईएस) में मुरादाबाद के दो होनहार चयनित हुए हैं। लवी अग्रवाल ने ऑल इंडिया 74वीं रैंक बनाकर महानगर का नाम बढ़ाया है। लवी तीन भाई बहन हैं और तीनों ही आइआइटी के विद्यार्थी हैं। वहीं सिरकोई भूड़ के रहने वाले अमित कुमार ने इलेक्ट्रिकल इंजीनिय¨रग में 90वा स्थान हासिल किया है। अमित के पिता इलेक्ट्रीशियन का काम करते हैं। दोनों के चयन से उनके घरों में दीपावली जैसा माहौल है। दोनों के घरों में खुशिया मनाई जा रही हैं। दादा का सपना किया पूरा एचबीटीयू की पूर्व छात्रा लवी अग्रवाल ने आइईएस की परीक्षा पास करके अपने दादा रामेश्वर दास अग्रवाल की ख्वाहिश पूरी की। वह सिंचाई विभाग में इंजीनियर थे। उनके पिता नवीन कुमार अग्रवाल शेयर मार्केटिंग का काम करते हैं। दादा चाहते कि उनके बच्चे इंजीनियर बनें। लवीं ने उनका सपना पूरा करने की ठान ली। बीटेक करने के लिए एचबीटीयू में प्रवेश लिया। लवी ने बताया कि उन्होंने बताया कि 2016 में सिविल इंजीनिय¨रग से 76 फीसद अंकों के साथ बीटेक पास किया। इसके बाद आइईएस की तैयारी के लिए कोचिंग करने लगीं। इसी दौरान गेट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद एमटेक करने के लिए आइआइटी रुड़की में एडमिशन लिया और परीक्षा की तैयारी करती रहीं। अब परिणाम सामने है। उन्होंने बताया कि कि उनका चयन ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड व इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड में भी हो गया है। आइईएस में चयन के बाद ज्वाइनिंग में सात से आठ महीने का समय लग जाता है। ऐसे में वह अनुभव हासिल करने के उद्देश्य से सोमवार को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ज्वाइन करेंगी। उनका छोटा भाई शिवम आइआइटी खड़गपुर व बहन ऐश्वर्या अग्रवाल आइआइटी मुंबई से बीटेक कर रहे हैं। इलेक्ट्रीशियन के बेट ने रचा इतिहास सिरकोई भूड़ के रहने वाले अमित बेहद साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता इलेक्ट्रीशियन हैं और घरों में बिजली की फिटिंग और अन्य छोटे-मोटे काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आइईएस परीक्षा के इलेक्ट्रिकल इंजीनिय¨रग वर्ग में 90वा स्थान हासिल करने वाले अमित ने 12वीं तक की पढ़ाई आरएन इंटर कालेज से की। इसके बाद उनका चयन एनआइटी पटना में हुआ। 2018 में उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनिय¨रग में बीटेक किया है। साथ ही यूपीएससी की इंडियन इंजीनिय¨रग सर्विस की परीक्षा दी और पहली बार में चयनित होकर इतिहास रचा। उन्होंने बताया कि परीक्षा के लिए अलग से तैयारी नहीं की। अपने कोर्स की पढ़ाई के साथ ही तैयारी करते रहे। कोचिंग भी नहीं की। सेल्फ स्टडी से यह मुकाम हासिल किया। तीन भाई बहनों में अमित सबसे बड़े हैं और उनकी मा हाउस वाइफ हैं। रिजल्ट आने के बाद जब अमित ने घर पर चयन की सूचना दी तो पहले किसी को भरोसा नहीं हुआ। बेटे को देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक में सफल होने पर माता-पिता की आखें नम हो गईं। पूरे गाव में खुशी का माहौल दिखाई दिया। सभी बधाई देने के लिए पहुंचने लगे।

Posted By: Jagran