मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। ग्राम पंचायतों में मनरेगा में काम करने के नाम पर लाखों का खेल हो रहा है। विकास खंड बिलारी के ग्राम पीतपुर नैय्या खेड़ा गांव में तमाम ऐसे लोगों के नाम काम करने वालों की सूची में शामिल हैं, जो गांव में रहते भी नहीं है। शिकायत मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच कराने के आदेश दिए हैं।

ग्राम पीतपुर नैय्याखेड़ा के रहने वाली यासीन ने मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत करके ग्राम प्रधान पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा है कि मनरेगा मजदूरी में जहांगीर का नाम दर्ज है। उनकी उम्र 70 साल है। वह फावड़ा चला ही नहीं सकते हैं। इकरार और निसार कलाबाज हैं। दोनों के पास छह भैंसें हैं। भोलू भी पशुपालन का काम करते हैं। जाहिद राजमिस्त्री हैं। तस्लीम लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। अहसान अपनी पत्नी के साथ गांव से बाहर रहते हैं। लेकिन, उनके नाम से भी मनरेगा की धनराशि निकाल ली गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने डीपीआरओ को मामले में जांच कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। डीपीआरओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई होगी।

 

Edited By: Narendra Kumar