मुरादाबाद। खजूर चमगादड़ का पसंदीदा फल है। जी हां, आपको जानकर हैरानी जरूर होगी, लेकिन ये पसंदीदा फल आपको निपाह वायरस से पीड़ित बना सकता है। रमजान माह चल रहा है। ऐसे में सावधानी अवश्य बरतें।

ऐसे चपेट में आते हैं लोग

भीषण गर्मी के बीच शुरू हुए रमजान माह में रसीले, मीठे, ठंडक प्रदान करने वाले खजूर, आम, कैला की खासी खरीददारी हो रही है। इन फलों का सेवन करते समय विशेष सतर्कता बरते। क्योंकि खजूर, आम व कैला जैसे फल दूसरे प्रदेशों से आयात हो रहे हैं। खजूर की पैदावार समुंद्री तट किनारे वाले प्रदेश केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश आदि से होती है। खजूर उत्पादक प्रदेश केरल से शुरू हुए निपाह वायरस का खौफ पूरे भारत में देखने को मिल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने निपाह को एक उभरती बीमारी करार दिया है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक निपाह वायरस चमगादड़ की एक नस्ल में पाया जाता है। यह वायरस उनमें प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है। चमगादड़ जिस फल को खाते है, उनके अपशिष्ट जैसी चीजों के संपर्क में आने पर यह वायरस किसी भी अन्य जीव या इंसान पर अटैक कर सकता है। इसके प्रभाव से मनुष्यों में ब्रेन में सूजन आ जाती है। यदि लक्षण बढ़ जाए तो इंसान को कोमा में जाना पड़ सकता है। वहीं कुछ केसों में रोगी को सांस संबंधित समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है। इससे बचाव का मात्र एक तरीक सावधानी है। क्या है निपाह वायरस और उसके लक्षण

- यह इंसान तथा जानवरों में फैलने वाला नया संक्रमण है।

- मनुष्यों में निपाह वायरस की वजह से ब्रेन में सूजन आ जाती है।

- बुखार, सिरदर्द, चक्कर, मानसिक भ्रम

- रोगी को सांस संबंधित समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है

ये बोले डाक्टर

अमरोहा के गजरौला सीएचसी प्रभारी डॉ. योगेंद्र सिंह का कहना है कि केला, आम जैसे फलों को धोकर खाएं। केरल से आने वाले ब्रांडेड खजूरों को सेवन करें। चूंकि कंपनी निर्माता सभी मानक का प्रयोग करती हैं। लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श ले।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप