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Karwa Chauth Fashion 2026: 80s का ट्रेंड खत्म! करवाचौथ पर अब जेन-जी में छाया Y2K फैशन और 'ग्लास स्किन' का क्रेज

Published: Wed, 28 Oct 2026 06:14 PM (IST)

करवाचौथ पर जेन-जी युवतियों में वाईटूके फैशन और 'ग्लास स्किन' मेकअप का क्रेज बढ़ रहा है, जिसमें पुरानी साड़ियों को ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पुरानी साड़ियों को नए अंदाज में पहनने का बढ़ा चलन

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। करवाचौथ पर इस बार सजने-संवरने का अंदाज बदल रहा है। पारंपरिक साज-शृंगार के साथ अब जेन-जी यानी 18 से 25 साल की युवतियां पुराने फैशन को नए अंदाज में अपना रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में 80 के दशक के परिधानों और साज-सज्जा का चलन देखने को मिला था, लेकिन अब वाईटूके फैशन की वापसी हो रही है।

वर्ष 1990 से 2000 के बीच लोकप्रिय रहे इस फैशन को युवतियां अपने तरीके से नया रूप दे रही हैं। मां की पुरानी साड़ी को नए ब्लाउज, बेल्ट और आधुनिक आभूषणों के साथ पहनने से लेकर हल्के मेकअप और खास हेयर स्टाइल तक, हर चीज में नया प्रयोग देखने को मिल रहा है।

करवाचौथ पर इस बार भारी मेकअप की जगह प्राकृतिक निखार को प्राथमिकता दी जा रही है। मेकअप आर्टिस्ट हरप्रीत कौर, एकता जैन के अनुसार, ब्यूटी स्टूडियो में ग्लास स्किन और साफ्ट ग्लैम मेकअप की मांग बढ़ रही है।

ग्लास स्किन में चेहरे को चमकदार और साफ दिखाने पर जोर रहता है, जबकि साफ्ट ग्लैम में हल्के रंगों के साथ आंखों और होंठों को आकर्षक बनाया जाता है।

पुरानी साड़ी को नया अंदाज

वाईटूके फैशन की सबसे खास बात पुराने परिधानों को नए तरीके से पहनना है। युवतियां अपनी मां और परिवार की पुरानी साड़ियों को भी करवाचौथ के लिए तैयार करा रही हैं।

इनके साथ कंट्रास्ट ब्लाउज, कमर पर बेल्ट, छोटे हैंडबैग और हल्के आभूषणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ युवतियां पारंपरिक साड़ी को अलग तरीके से ड्रेप करके पहनना पसंद कर रही हैं।

कपड़ा कारोबारियों के अनुसार, साड़ी के रंग और डिजाइन के साथ प्रयोग करने का रुझान बढ़ा है। लाल और गुलाबी रंग के साथ मरून, रानी, पेस्टल और हल्के सुनहरे रंग भी पसंद किए जा रहे हैं। 22 नवंबर 2025 को दाऊ दयाल खन्ना नगर की स्नेहा ने भी पुरानी साड़ी को नए अंदाज में तैयार किया है।

मेहंदी में भी मिनिमलिस्ट अंदाज

करवाचौथ पर मेहंदी के डिजाइन में भी बदलाव नजर आ रहा है। पहले जहां दोनों हाथों को भरकर पारंपरिक डिजाइन बनवाने की मांग रहती थी, वहीं अब युवतियां मिनिमलिस्ट मेहंदी पसंद कर रही हैं।

इसमें हथेली के बीच छोटा डिजाइन, अंगुलियों पर बारीक बेल और कलाई के पास हल्की आकृतियां बनाई जाती हैं। कुछ युवतियां चांद, सितारे, दिल और पति के नाम के शुरुआती अक्षर को भी डिजाइन में शामिल करा रही हैं। गांधी नगर निवासी नंदिनी के अनुसार, हर बार फैशन बदल जाता है। इस बार हल्की आकृतियां पसंद की जा रहीं हैं।

साड़ी से मैच करेगी नेल आर्ट

इस बार साज-शृंगार में नेल आर्ट और हेयर स्टाइल भी खास भूमिका निभा रहे हैं। युवतियां अपनी साड़ी के रंग से मेल खाते नाखूनों के डिजाइन तैयार करा रही हैं।

फ्लोरल नेल आर्ट तो कोई गोल्डन और शिमरी डिजाइन चुन रही है। बालों में खुले कर्ल, मेसी बन, स्लीक बन और गजरे के साथ नए प्रयोग किए जा रहे हैं।

इंटरनेट मीडिया पर रील बनाने के लिए भी युवतियां लुक पहले से तय कर रही हैं। गांधी नगर निवासी निधि बताती हैं कि साड़ी से मैच करती नेल आर्ट का चलन बढ़ा है। इसके लिए हमने पहले ही बुकिंग करा ली है।

रील के लिए भी खास तैयारी

करवाचौथ अब केवल पारंपरिक पूजा और सजने-संवरने तक सीमित नहीं रह गया है। युवतियां अपने लुक को इंटरनेट मीडिया पर साझा करने के लिए भी खास तैयारी कर रही हैं।

चांद निकलने से पहले तैयार होकर फोटो और रील बनाने का चलन बढ़ा है। इसके लिए साड़ी पहनने का अंदाज, मेकअप, हेयर स्टाइल और आभूषणों का चयन पहले ही कर लिया जाता है। कुल मिलाकर इस करवाचौथ पर पुरानी यादों और नए फैशन का मेल देखने को मिलेगा।

यह है वाईटूके फैशन

पिछले कुछ वर्षों में 80 के दशक के परिधानों और साज-सज्जा का चलन देखने को मिला था, लेकिन अब वाईटूके फैशन की वापसी हो रही है।

वाईटूके फैशन जो वर्ष 1990 से 2000 के बीच लोकप्रिय रहे फैशन को युवतियां अपने तरीके से नया रूप दे रही हैं। इसे ही वाईटूके फैशन कहा जा रहा है।

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