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जूना अखाड़े की गिरफ्त से भागे महंत सज्जन गिरि; भतीजे ने स्कार्पियो से फिल्मी अंदाज में किया रेस्क्यू

Published: Fri, 10 Apr 2026 09:36 PM (IST)

जूना अखाड़ा द्वारा हटाए गए पूर्व महंत सज्जन गिरि रायबरेली के पास कार से कूदकर भाग गए। आरोप है कि ...और पढ़ें

काली माता मंदिर के बाहर पुलिस बल तैनात और इनसेट में सज्जन गिरी महाराज

काली माता मंदिर के बाहर पुलिस बल तैनात और इनसेट में सज्जन गिरी महाराज

HighLights

  1. प्रयागराज ले जाते भतीजे ने साथियों संग किया हमला, फिर स्कार्पियो में बैठाकर भागा

  2. जूना अखाड़ा ने एसएसपी मुरादाबाद को दी घटना की जानकारी, मंदिर की सुरक्षा बढ़ी

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। लालबाग स्थित श्री काली मंदिर और सिद्धपीठ नौ देवी मंदिर के महंतों को हटाए जाने के बाद मामला अब और उलझ गया है। जूना अखाड़ा द्वारा हटाए गए काली मंदिर के पूर्व महंत सज्जन गिरि प्रयागराज ले जाते समय रास्ते में कार से कूदकर भाग गए। आरोप है कि तय याोजना अनुसार महंत के भतीजे ने साथियों संग हमला किया। फिर स्कार्पियों में महंत को बैठाकर भाग गया।

जूना अखाड़ा ने एसएसपी मुरादाबाद काे घटना की जानकारी दी जिसके बाद मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। घटना शुक्रवार तड़के करीब चार बजे की है। जूना अखाड़ा के महंत आनंदेश्वर महाराज और गिरीशानंद गिरि महाराज, पुलिस के साथ सज्जन गिरि और नौ देवी मंदिर के पूर्व महंत राम गिरि को प्रयागराज ले जा रहे थे।

रास्ते में रायबरेली के पास सज्जन गिरि अचानक कार से कूदकर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, सज्जन गिरि ने पहले ही अपने भतीजे को सूचना दे दी थी। जैसे ही कार रायबरेली के पास पहुंची, वहां पहले से मौजूद एक दर्जन से अधिक लोगों ने कार को घेर लिया।

इस दौरान कार पर हमला किया गया और इसी अफरा-तफरी में सज्जन गिरि कार से उतरकर अपने भतीजे की स्कार्पियो में बैठकर भाग गए। इस संबंध में जूना अखाड़ा वाराणसी और सिद्धपीठ काली मंदिर मुरादाबाद के नवनियुक्त कार्यवाहक महंत महाकाल गिरि व हितेश्वर गिरि की ओर से एसएसपी मुरादाबाद को पत्र देकर सूचना दी।

पत्र में आशंका जताई गई है कि सज्जन गिरि कभी भी हमला कर नव नियुक्त महंतों और साधु-संतों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद पुलिस ने मंदिर की सुरक्षा और कड़ी कर दी है। उधर, राम गिरि को सुरक्षित प्रयागराज ले जाकर जूना अखाड़ा के दत्त मंदिर में रखा गया है।

एक दिन पहले गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे अंतरराष्ट्रीय जूना अखाड़ा के प्रवक्ता और गाजियाबाद के दूधेश्वरनाथ मठ के पीठाधीश्वर नारायण गिरि महाराज प्रतिनिधि मंडल के साथ मंदिर पहुंचे थे। उस समय सज्जन गिरि मंदिर के ऊपरी कमरे में छिप गया था, जिसे बाद में बाहर निकालकर हटाया गया।

जूना अखाड़ा ने काली मंदिर में महाकाल गिरि और नौ देवी मंदिर में हितेश्वर गिरि को कार्यवाहक महंत नियुक्त कर दिया है। दोनों पूर्व महंतों के बीच करीब छह वर्षों से विवाद चल रहा था। राम गिरि ने सज्जन गिरि पर दान राशि में गड़बड़ी और व्यक्तिगत आचरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।

अखाड़ा की पंचायत कई बार इस विवाद को सुलझाने की कोशिश कर चुकी थी और दोनों को चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर आखिरकार अखाड़ा ने दोनों को पद से हटा दिया। यह मामला अभी कोर्ट में भी विचाराधीन है।

 

रायबरेली के पास सज्जन गिरि कार से उतरकर अपने भतीजे की स्कार्पियो में बैठकर फरार हो गया है। इस घटना की जानकारी जूना अखाड़ा की ओर से दी गई है। जिसके बाद मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

- रणविजय सिंह, एसपी सिटी


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