जौहर यूनिवर्सिटी केस: कोर्ट ने मांगी फाइलें तो वकील ने बताया DM दफ्तर में हैं जमा, अब आया नया मोड़
जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण मामले में कमिश्नर कोर्ट में सुनवाई हुई। विश्वविद्यालय के वकील ने बताया कि ...और पढ़ें

जौहर विश्वविद्यालय
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। सपा के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान के रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश प्रकरण में शुक्रवार को कमिश्नर कोर्ट में सुनवाई हुई।
विश्वविद्यालय के अधिवक्ता जुनैद इलाज की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया जिसमें कहा गया कि कोर्ट की ओर से उनसे विश्वविद्यालय संबंधी जो प्रपत्र एवं नकलें मांगी गई है। उसकी मूल प्रतियां जिलाधिकारी रामपुर कार्यालय में जमा हैं।
ऐसे में कोर्ट में संबंधित प्रपत्र दाखिल करने के लिए जिलाधिकारी रामपुर को उन्हें प्रपत्र उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया जाए। कमिश्नर कोर्ट ने रामपुर जिलाधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शाम तक अगली सुनवाई के लिए नई तारीख मिलेगी।
बता दें कि रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के उपाध्यक्ष व रामपुर के जिलाधिकारी ने 15 जुलाई को जौहर विश्वविद्यालय के 40 भवनों में 38 को अवैध ठहराया था।
इसके खिलाफ विश्वविद्यालय प्रबंधन के अधिवक्ता जुनैद एजाज की ओर से कमिश्नर कोर्ट में 20 जुलाई को अपील दायर की थी। 27 जुलाई को सुनवाई करते हुए कमिश्नर कोर्ट ने ध्वस्तीकरण आदेश पर सुनवाई चलने तक रोक लगा दी थी। इसके बाद से छह तारीख लग चुकीं।
