मुरादाबाद,(प्रदीप चौरसिया)। मंडल में कई ऐसे स्टेशन हैं, जहां दिन भर में दस से भी कम टिकट की बिक्री होती है, रेल प्रशासन ऐसे स्टेशनों पर ट्रेनों के स्टापेज बढ़ाकर आय बढ़ाने का की योजना बना रहा है।

रेलवे बोर्ड ने घाटे में चलने वाले काम को बंद करने की योजना तैयार की है। इसके तहत कम टिकट बिक्री वाले स्टेशनों पर ट्रेनों का स्टापेज खत्म किया जा रहा है। बुकिंग न मिलने पर मंडल के तीन स्टेशनों से पार्सल बुकिंग बंद कर दी है। लेकिन, मुरादाबाद मंडल इस योजना के उलट कम टिकट बिक्री वाले स्टेशनों से आय बढ़ाने की योजना बना रहा है।

मंडल में 93 स्टेशन ई श्रेणी के

मुरादाबाद रेल मंडल में 150 रेलवे स्टेशनों में से 93 ई श्रेणी के यानी काफी छोटे स्टेशन हैं। इन पर टिकट बिक्री के लिए बुकिंग एजेंट तैनात हैं। ए,बी,सी श्रेणी के 27 स्टेशन है। यहां बुकिंग क्र्लक तैनात हैं।

डी श्रेणी के 30 छोटे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर बेचते हैं टिकट

30 स्टेशन डी श्रेणी के हैं, जहां प्रति दिन दस से कम टिकट की बिक्री होती है। इसमें अगवानपुर, बुंदकी, परसाखेड़ा स्टेशन प्रमुख है। इन स्टेशनों पर खर्च कम करने के लिए बुकिंग क्र्लक को हटाकर आन ड्यूटी स्टेशन मास्टर ही टिकट बिक्री करते हैं।

डी श्रेणी स्टेशन पर आय बढ़ाने की योजना

मंडल रेल प्रशासन डी श्रेणी के स्टेशन से आय बढ़ाने की योजना बना रहा है। इसमें ट्रेन का स्टापेज और टिकट की बिक्री बरकरार रखने की योजना है। इसके लिए मुख्यालय प्रस्ताव भेजा है। इसमें कहा है कि पिछले तीन माह से देहरादून व ऋषिकेश स्टेशन पर काम चलने व कोहरे के कारण 40 से अधिक ट्रेनें निरस्त हंै, इन ट्रेनों को चलाने के साथ डी श्रेणी के स्टेशनों पर अधिक से अधिक ट्रेनों का स्टापेज करने का प्रस्ताव है।

मंडल के ट्रेनों की संख्या कम होने से डी श्रेणी के स्टेशनों पर टिकट की बिक्री कम होती है। इन स्टेशन पर ट्रेनों का स्टापेज बढ़ाकर आय बढ़ाया जा सकता है। इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा है।

रेखा

प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक

मुरादाबाद  

Posted By: Narendra Kumar

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