मुरादाबाद, जेएनएन। Facility to the personnel who saved the train from the accident। रेलवे सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके ल‍िए कई तरह की रणनीतियों पर अमल क‍िया जा रहा है। इसी कड़ी में अब दुर्घटना से ट्रेन को बचाने वाले रेल कर्मचार‍ियों को पुरस्कार देने के साथ पदोन्नित में भी वरीयता देने की योजना तैयार की गई है।

रेलवे अन्य मदों में कटौती कर रहा है, लेकिन सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। फंड के अभाव में स्टील फैक्ट्रियों से उधार में पटरी ले ली जा रही है और पुराने व जर्जर रेलवे लाइन को बदलने का काम क‍िया जा रहा है। इसके अलावा पुराने स्लीपर को भी बदला जा रहा है। मुरादाबाद रेल मंडल में रेलवे अप्रैल से दिसंबर तक 250 किलोमीटर तक रेलवे लाइन और स्लीपर बदलने का काम कर चुका है। मंडल में दो सौ किलोमीटर तक पुरानी रेलवे लाइन अभी बची हुई है, इसे भी अगस्त तक बदल दिया जाएगा। इसके बाद ट्रेनों की गति सौ किलोमीटर प्रतिघंटा से बढ़कर 130 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी। इसके अलावा कभी-कभी रेलवे लाइन टूटने या चटकने की घटनाएं हो जाती हैं। इसके अलावा ट्रेन व मालगाड़ी में आग लगने, एक्सल टूटने जैसी घटनाएं भी होती हैंं। ऐसी स्थित‍ि में कुछ कर्मचारी समझारी द‍िखाते हुए हादसे को बचा लेते हैं। वे कंट्रोल को सूचना देकर अगले स्टेशन पर ट्रेन रुकवा देते हैं। इससे ट्रेन हादसे बच जाते हैं। ऐसे कर्मियों को वर्तमान में रेल प्रशासन की ओर से पुरस्कार राशि दी जाती है है। रेल प्रशासन ट्रेन दु्र्घटना बचाने वाले कर्मियों को पुरस्कार देने के साथ पदोन्‍नत‍ि में वरीयता देगा। रेल प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था के बाद ट्रेन दुर्घटना में कमी आएगी। सहायक वाणिज्य प्रबंधक नरेश ने बताया कि ट्रेन दुर्घटना से बचाने वाले कर्मियों को पुरस्कार देने के साथ पदोन्नित में वरीयता दी जाएगी।  

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