मुरादाबाद, प्रदीप चौरसिया। Indian Railways News : दो माह के बाद बालामऊ-सीतापुर-उन्नाव रेल मार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन चलाने की हरी झंडी मिल गई है। इसके बाद अधिक अधिक मालगाड़ी को इस रूट पर चलाया जा सकेगा। मुरादाबाद से कानपुर आदि स्थानों पर कम समय में माल पहुंचा जा सकेगा। अंग्रेज के जमाने में बालामऊ-सीतापुर और बालामऊ-उन्नाव रेल मार्ग व्यापार रेल मार्ग माना जाता था।

देश के आजादी के बाद मुरादाबाद लखनऊ मुख्य रेल मार्ग हो जाने के बाद बालामऊ-सीतापुर-उन्नाव रेल मार्ग की ओर रेलवे ध्यान देना बंद कर दिया। इससे यह रेल मार्ग जर्जर होता चला गया। कुछ दिनों पहले तक इस रूट पर ट्रेनों का संचालन टोकन सिस्टम से किया जा रहा था। कुछ सालों से रेलवे ने मालगाड़ी से ढुलाई पर अधिक ध्यान देना शुरू कर दिया है, जिससे मालगाड़ियों की संख्या काफी बढ़ गई है।

इसके लिए फ्रेट कॉरिडोर रेल मार्ग तैयार किए जा रहे हैं। जर्जर रेल मार्ग पर सुधार का काम शुरू कर दिया है। रेल प्रशासन ने फरवरी में बालामऊ-सीतापुर-उन्नाव रेल मार्ग का सुधार किया और विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया। इस मार्ग से मुरादाबाद से कानपुर व मुख्य रेल मार्ग पर मालगाड़ी कम समय में पहुंच सकती हैं। कमिश्नर रेलवे आफ सेफ्टी (सीआरएस) एसके पाठक ने मार्च में इस रूट पर हुए विद्युतीकरण कार्य का निरीक्षण किया।

कुछ खामियां मिलने पर सुधार का आदेश दिया। इसी कारण से इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाने की स्वीकृति नहीं दी। विद्युतीकरण संगठन से कमी को पूरी कर चुका है। इसके बाद सीआरएस ने बालामऊ-सीतापुर-उन्नाव रेल मार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन व मालगाड़ी चलाने का आदेश मिल गया है। मुरादाबाद रेल मंडल के चन्दौसी से अलीगढ़ के बीच विद्युतीकरण का तेजी से किया जा रहा है।

इस मार्ग पर भी अक्टूबर तक काम पूरा हो जाने की संभावना है। प्रवर मंडल विद्युत अभियंता (टीआरडी) जन्मेजय उपाध्याय ने बताया कि सीआरएस ने बालामऊ-सीतापुर-उन्नाव रेल मार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन व मालगाड़ी चलाने की स्वीकृत दे दी है। शीघ्र ही इस मार्ग पर इलेक्ट्रक इंजन से ट्रेन का संचालन शुरू किया जाएगा।