मुरादाबाद [प्रदीप चौरसिया]। मुरादाबाद रेल मंडल माल ढुलाई, रेलवे लाइन बदलने में जिस तरह से आगे हैं, उसी की तर्ज पर टिकट की कालाबाजारी के मामले में भी आगे हैं। मंडल में आरपीएफ की टीम द्वारा 248 आरोप‍ितों को टिकट के कालाबाजारी में गिरफ्तार कर जेल भेज चुका है। कुछ को न्यायालय द्वारा दंडित भी किया गया है।

कोरोना से पहले रेलवे की तत्काल टिकट की कालाबाजारी देश भर में होती थी। सबसे अधिक टिकट की कालाबाजारी समर सीजन में होती है। कोरोना संक्रमण के बाद ट्रेनें काफी कम संख्या में चलती थीं, कई ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिलता था, कंफर्म टिकट पाने वाले यात्री दलाल के पास पहुंच जाते थे। दलाल मुंह मांगी कीमत लेकर कंफर्म तत्काल टिकट उपलब्ध कराने का काम करते थे। रेलवे देश भर में रेल टिकट की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए वर्ष 2019 से विशेष अभियान समय समय पर चलाता है। दैनिक जागरण ने इसके बारे में जानकारी लेने के लिए मंडल रेल प्रशासन से ट्रेन के आरक्षण टिकट की कालाबाजारी व बिना टिकट यात्रियों से संबंधित सूचना मांगी थी। इसमें कोरोना से पहले और बाद में मुरादाबाद रेल मंडल में एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 21 तक टिकट की कालाबाजारी करने वाले को पकड़ा है। सहायक जन सूचना अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने जानकारी दी है कि मंडल में इस दौरान 248 आरोप‍ितों को टिकट की कालाबाजारी में गिरफ्तार किया गया है और मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा चुका है। इस दौरान मंडल में एक लाख 85 हजार 875 बिना टिकट यात्रा करते पकड़े गए हैं। जिससे 11 करोड़ 68 लाख 112 जुर्माना वसूला गया है। न्यायालय कुछ टिकट की कालाबाजारी करने वाले को दंडित कर चुका है। अधिकांश मामले विचाराधीन है। 

Edited By: Narendra Kumar