मुरादाबाद, जेएनएन। कमिश्नर रेलवे आफ सेफ्टी (सीआरएस) इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाने के लिए निरीक्षण पर निरीक्षण किए जा रहे हैं, लेकिन कब से ट्रेन चलेगी, इसकी तारीख अभी तक तय नहीं हो पाई है। देश भर के सभी रेल मार्गों का विद्युतीकरण करने का अंतिम लक्ष्य वर्ष 2022 निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए सभी रेल मंडल के ल‍िए लक्ष्य निर्धारित किया गया था।

मुरादाबाद रेल मंडल में बालामऊ-सीतापुर-उन्नाव रेल मार्ग, नजीबाबाद-कोटद्वार रेल मार्ग और चन्दौसी-अलीगढ़ मार्ग का विद्युतीकरण करने का लक्ष्य था। उसके बाद राजा का सहसपुर-सम्भल रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया जाना है। इसी तरह से लखनऊ रेल मंडल, दिल्ली रेल मंडल, आंवला रेल मंडल व फिरोजपुर में लक्ष्य के अनुरूप विद्युतीकरण कार्य पूरा कर लिया है। विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद सीआरएस निरीक्षण करते हैं और अनुमति देते हैं, तभी उस मार्ग से इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें चलाई जाती हैं। सीआरएस लगातार उत्तर रेलवे के विभिन्न स्थानों के विद्युतीकरण के काम का निरीक्षण कर रहे हैं, उन्‍हें आफिस में बैठने का समय नहीं मिल रहा है। इस लिए अनुमति नहीं मिल पा रही है।

मुरादाबाद रेल मंडल के बालामऊ-सीतापुर-ऊन्नाव मार्ग पर 15 दिन पहले सीआरएस निरीक्षण कर चुके हैं। इसी तरह से दोबारा अधिकारी भेजकर नजीबाबाद-कोटद्वार का निरीक्षण करा चुके हैं, अभी तक सीआरएस ने इन मार्गों पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन व मालगाड़ी चलाने की अनुमति नहीं दी है। सब का एक ही सवाल है कि कब इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाने की तारीख तय होगी। अभी तक चन्दौसी से बबराला तक निरीक्षण करने की तारीख सीआरएस ने नहीं दी है।  

Edited By: Narendra Kumar