मुरादाबाद। मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश ने गार्ड की ड्यूटी प्रकरण को लेकर विवाद खत्म कर दिया है। बीमार या 55 साल से अधिक उम्र के गार्डों या अन्य रनिंग स्टाफ से ड्यूटी नहीं कराई जाएगी। उन्‍हें घर बैठे ही वेतन दिया जाएगा। दूसरी ओर बैठक में नहीं बुलाए जाने पर गार्ड काउंसिल के सदस्यों ने डीआरएम आफिस पर प्रदर्शन किया।

पिछले दिनों गार्ड से अधिक ड्यूटी कराने के कारण मौत होने के मामले को लेकर सभी संगठनों ने आंदोलन शुरू कर दिया था। इस मामले को लेकर डीआरएम के आदेश पर सीनियर डीपीओ ने संबंधित विभाग के अधिकारियों, नरमू, उरमू, ओबीसी रेलवे इम्प्लाइज एसोसिएशन, व एससीएंडएसटी इम्प्लाइज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया था। शाम चार बजे सभागार में बैठक चल रही थी। दूसरी ओर गार्ड काउंसिल के सदस्यों द्वारा बाहर प्रदर्शन किया जा रहा था। गार्ड काउंसिल के सदस्योंं का कहना था कि बैठक में जितने प्रतिनिधि बुलाए गए हैंं, उसमें कोई भी गार्ड नहीं हैं। गार्ड काउंसिल के प्रतिनिधि को बैठक में बुलाया जाना चाहिए था, वह गार्ड की वास्तविक समस्या को अधिकारियों के सामने रखता। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व काउंसिल से जोनल सचिव मुकुल सक्सेना कर रहे थे। बैठक में गार्ड की ड्यूटी लगाने पर अनियमिता बरतने पर रोक लगाने, बीमार गार्ड को अस्पताल में भर्ती कराने को एम्बुलेंस से ले जाने आदि का मामला उठाया। डीआरएम ने बताया कि कोरोना शुरू होते ही रेलवे बोर्ड ने आदेश दिया था कि बीमार या 55 साल से अधिक उम्र के कर्मचारी ड्यूटी करने नहीं करे, उससे बनी ड्यूटी की वेतन मिलेगा। इसके बाद भी गार्ड व रनिंग स्टाफ ड्यूटी पर आ रहे हैं। बोर्ड के आदेश के अनुसार बीमार व 55 साल से अधिक उम्र के गार्ड व रनिंग स्टाफ को ड्यूटी पर नहीं लगाया जाएगा। 

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