रामपुर, जेएनएन।  लद्दाख सीमा पर चीन की ओर से की गई कायराना हरकत ने हर भारतीय का दिल दुखाया है। गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के मारे जाने के बाद देशवासियों का मन चीनी उत्पादों की ओर से बिल्कुल ही हट गया है। एक समय था जब चीनी उत्पादों का जादू हमारे युवाओं पर चला करता था। लेकिन, वर्तमान में तस्‍वीर अलग नजर आ रही है। आज वे मोबाइल खरीदने जा रहे हैं तो सब से पहले पैकेट को घुमा-घुमा कर तसल्ली कर लेना चाहते हैं कि कहीं इस पर मेड इन चाइना तो नहीं लिखा है। सब का एक स्वर में कहना है कि जब चीन हम से दुश्मनों की तरह व्यवहार कर रहा है तो हम क्यों उस से दोस्ती निभाएं। दैनिक जागरण की टीम ने इस मुद्दे पर मोबाइल विक्रेताओं और ग्राहकों के मनोभावों को जानने का प्रयास किया तो लब्बोलुआब कुछ इस तरह का ही निकल कर सामने आया।

दुकानदारों ने रखी अपनी बात

पहले तो लोग चीनी उत्पादों को खरीद रहे थे। लेकिन, जब से गलवान घाटी में चीन ने घटिया हरकत की है, तब से वे मेड इंडिया प्रोडक्ट््स को महत्व दे रहे हैं। चीनी मोबाइल को अवाइड कर रहे हैं। हमने भी पूरी तरह से चीन के उत्पादों को दरकिनार कर दिया है।

-सोनू शर्मा, मोबाइल विक्रेता

पहले और अब में बहुत अंतर आया है। पहले जहां युवाओं को भारतीय कंपनियों की तुलना में चीनी मोबाइल लुभाते थे। वहीं अब वे उन्हें नजरंदाज कर रहे हैं। यूं कहें कि वे अब उन्हें नफरत की नजर से देख रहे हैं। सरकार को भारतीय उत्पादों को आगे बढ़ाने के प्रयास करना चाहिए।

-अमन खान, मोबाइल विक्रेता

अब तो अधिकांश ग्राहक मेड इंडिया ही मांग रहे हैं। देखने में आ रहा है कि अगर उन्हें कहीं मेड इंडिया उत्पाद न मिले तो वे दुकान से उतर जाते हैं। उन का सीधा कहना होता है कि उन्हें चीनी सामान खरीदना ही नहीं है। हमने भी चीनी उत्पादों का बहिष्कार कर दिया है। हम भारतीय मोबाइल ही बेच रहे हैं।

-सीताराम मेंहदीरत्ता

ग्राहकों बोले

हम मोबाइल खरीदने आए हैं। कोई अच्छा सा भारतीय मोबाइल देख रहे हैं। चीन ने जो हरकत हमारे देश के साथ की है। उस के बाद किसी भी कीमत पर उस का सामान खरीदने का तो प्रश्न ही नहीं पैदा होता। अगर भारतीय उत्पाद नहीं मिलता है तो हम बिल्कुल नहीं खरीदेंगे।

-संजीव कुमार

हम चीनी उत्पादों का पूरी तरह विरोध करते हैं। वह हमारे सिर पर चढ़ता जा रहा है और हम उस का सामान खरीदें। ये दो काम एक साथ नहीं हो सकते। कोई हमारे घर में जबरन घुसने का प्रयास करे और हम उसे फायदा पहुंचाएं, ऐसा नहीं होगा।

-मुदित अग्रवाल

मैं मोबाइल खरीदने आया था। मैं ने अपने देश की जमीन पर बना हुआ अपने देश का मोबाइल ही खरीदा है। मैं चीन का सामान का पूरी तरह बॉयकाट करता हूं। चीन का सारा सामान, सारे एप का बहिष्कार होना चाहिए। -फईम अहमद

चीन का मोबाइल था मेरे पास। लेकिन अब मैं ने उसे अपने से अलग कर दिया है। आज मैं दुकान पर अपने देश का बना हुआ मोबाइल खरीदने आया हूं। जो मेरे देश शत्रु है, वह मेरा शत्रु है। जब तक चीन हम से बैर भाव रखेगा, हम उस से किसी तरह का कोई संबंध नहीं रखेंगे।

-संजय रस्तोगी  

Posted By: Narendra Kumar

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