रामपुर, जेएनएन। भारत सरकार ने टिक टॉक सहित चीन के कई एप पर प्रतबिंध लगा दयिा है। वहीं रामपुर में कई युवा ऐसे हैं, जिन्होंने अपने मोबाइल से सारा चीनी कचरा निकाल फेंका है। गलवान घाटी में बढ़े तनाव के बाद चीनी सामान हो या फिर चीनी एप, सब ही देशवासियों के विरोध के निशाने पर हैं। लोगों में इस को लेकर बेहद आक्रोश छाया हुआ है, जिसके चलते वे अब न तो कोई चीनी उत्पाद खरीदना पसंद कर रहे हैं, न ही उन्हें अपने मोबाइल में चीन का कोई एक रखना ही गंवारा है। इसकी शुरुआत कोरोना संक्रमण की शुरुआत के समय से ही हो गई थी, जब चीन पर कोरोना के संक्रमण को फैलाने की चर्चायें सामने आनी शुरू हुई थीं, हालांकि ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है। तब से ही लोगों ने चीन के उत्पादों और एप्स से दूरी बनाना शुरू कर दी थी। इस को लेकर हम ने नगर के संगीत, कला एवं खेल जगत के लोगों के साथ ही कुछ अन्य लोगों से भी बात की तो उन्होंने अपना रुख स्पष्ट किया। सबका एक ही कहना था कि उनके मोबाइल में चीन के एप थे। जिनका वे उपयोग भी करते थे। लेकिन, अब उनके मोबाइल में वे नहीं हैं। उन्होंने उन सबको निकाल दिया है।

बोले लोग

मैं रामपुर सहसवान घराने से तआल्लुक रखता हूं। पहले मेरे मोबाइल में चीन के कुछ एप थे। लेकिन जब से चीन ने हमारे देश के साथ गद्दारी की है, तब से उस की तरफ से मन पूरी तरह हट गया है। उस के बाद पहली फुर्सत में मैंने टिकटॉक से ले कर जो भी दो चार एप थे, सबको निकाल दिया है।

ओसामा खान, शास्त्रीय गायक

मैं खेलों से जुड़ा हूं। हॉकी के प्रशिक्षक के रूप में बच्चों को हॉकी का प्रशिक्षण देता हूं। जब से चीन ने हमारे सैनिकों पर हमला कर के हमारी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया है, उस की तरफ से मन खिन्न है। मैं ने अपने मोबाइल में मौजूद चीनी एप हटा दिए हैं। अन्य लोगों से भी ऐसा करने की अपील कर रहा हूं।

फरहत अली खां, खेल प्रशिक्षक

मैं रंगमंच और आकाशवाणी के साथ जुड़ी हूं, इसके साथ ही शिक्षक भी हूं। इस नाते से अपनी जिम्मेदारी समझती हूं। जो मेरे देश से दुश्मनी निभाए, उस के साथ हम कोई संबंध रख सकते हैं। मैं टिकटॉक यूज करती थी। लेकिन अब मैं ने हर चीनी एप हटा दिया है। देशवासियों से अपील है कि आप भी हर चीनी एप को मोबाइल से हटा दें

पल्लवी राय, कलाकार एवं शिक्षक

देश जिस दौर से गुजर रहा है, उस में हम सब को सजग रहने की आवश्यकता है। देश का दुश्मन हमारा दुश्मन है, इस बात का ध्यान रखते हुए मैं न तो किसी चीनी सामान का उपयोग कर रहा हूं, न ही चीनी एप का। ऐसे सारे एप मैं अपने मोबाइल से निकाल चुका हूं। हमें निश्चय करना होगा कि शत्रु देश की वस्तुयें उपयोग में ला कर हम उसे मजबूत नहीं करेंगे।

उमेश सचदेवा, संगीत शिक्षक

Posted By: Narendra Kumar

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