जागरण संवाददाता, मुरादाबाद । कम आयकर देने वाले धन्ना सेठों पर आयकर विभाग की पैनी नजर है। राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिए ऐसे धन्ना सेठ के खिलाफ आयकर विभाग ने सर्वे व सर्च करने जैसी कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है। दिसंबर के द्वितीय सप्ताह से छापामारी शुरू की जा सकती है। 

आयकर विभाग बड़े करदाताओं से वास्तविक आयकर एडवांस जमा करने की अपील कर रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में लक्ष्य के विपरीत सौ करोड़ रुपये कम राजस्व की वसूली हुई थी। इस बार राजस्व वसूली का लक्ष्य 556 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। 

बड़े आयकरदाता, कंपनी, कारोबारियों को साल में चार बार एडवांस टैक्स जमा करना पड़ता है। इसमें पहली किस्त 15 जुलाई,  दूसरी 15 सितंबर, तीसरी 15 दिसंबर और चौथी किस्त 15 मार्च तक जमा करनी पड़ती है। 

अभी तक दो किस्त एडवांस टैक्स जमा किया गया है। इसमें 278 करोड़ रुपये राजस्व वसूली कर लिया जाना चाहिए था, उसके विपरीत 125 करोड़ रुपये राजस्व ही जमा हुआ है। तीसरी किस्त भुगतान करने में एक माह का समय है। आयकर विभाग इसके लिए कंपनियों, कारोबारियों व बड़े आयकरदाताओं को वास्तविक एडवांस आयकर जमा करने की अपील कर रहा है। 

आयकर विभाग ने लक्ष्य के अनुसार राजस्व वसूली के लिए अन्य माध्यम का रास्ता अपनाने की योजना तैयार की है। वास्तविक आय पर आयकर नहीं देने वाली कंपनियों व आयकर दाताओं की सूची तैयार कर ली है। इसमें निर्यातक, चिकित्सक व नए धन्ना सेठ शामिल हैैं। दिसंबर के द्वितीय सप्ताह के बाद ऐसे आयकर दाताओं के घरों व प्रतिष्ठानों पर सर्च व सर्वे जैसी कार्रवाई की जाएगी। 

लक्ष्य के विपरित राजस्व कम जमा हुआ है। वास्तविक आय पर आयकर देने के लिए आयकर दाताओं से अपील की जा रही है। कम आयकर का भुगतान करने वालों के खिलाफ सर्वे जैसी कार्रवाई की जाएगी। 

यदुवीर सिंह, संयुक्त आयकर आयुक्त। 

Posted By: Narendra Kumar

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