मुरादाबाद (प्रदीप चौरसिया)। नोटबंदी के दौरान बैंकों में जमा किए गए रुपयों की जांच में 157 लोगों की आय में कालाधन मिला है। इन लोगों ने एक बीघा जमीन में दस बीघा से अधिक की आय दिखाई है। इन लोगों से 160 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है लेकिन, अब जुर्माने की कार्रवाई की तैयारी है।

तीन सौ डिफाल्टर खाताधारक 

नोटबंदी के दौरान बैैंकों में रुपये जमा करने वालों की जांच में तीन सौ डिफाल्टर खाताधारक पाए गए थे। आयकर विभाग ने सभी को नोटिस जारी किया था। इसमें 143 खाताधारकों में दुकानदार व कारोबारी थे। उन्होंने पुराने पांच सौ व हजार रुपये के नोट जमा कराए थे। कारोबारियों ने जमा कराए रुपयों की जानकारी देने के साथ आयकर विभाग को साक्ष्य प्रस्तुत किए थे। आयकर जोन के 157 खाता धारकों ने जवाब दिया था कि कृषि आय के रुपये जमा किए हैं। कृषि से होने वाली आय आयकर की सीमा से बाहर है। 

कालाधन होने का अनुमान 

आयकर विभाग की जांच में एक बीघा जमीन रखने वालों ने दस बीघा से अधिक जमीन की आय दिखाई थी। इस मामले में छह सौ करोड़ रुपये का कालाधन होने का अनुमान है। आयकर विभाग ने ऐसे खाताधारकों से तत्काल 160 करोड़ रुपये जमा कर लिया है। सभी पर जुर्माना व ब्याज लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।  साथ ही खाताधारकों को अपील का मौका दिया है। माना जा रहा है कि छह माह के बाद 230 करोड़ रुपये का जुर्माना व ब्याज की वसूली की जाएगी। 

 नोटबंदी के दौरान बैैंकों में रुपये जमा करने वालों की जांच हो रही है। सही जवाब नहीं देने व साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने वालों के 160 करोड़ रुपये का आयकर जमा कराया है। जुर्माना लगाने की कार्रवाई किया जा रहा है। 

यदुवीर सिंह, अपर आयकर आयुक्त 

 

Posted By: Narendra Kumar

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