मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। पाकबड़ा थाना क्षेत्र में बहनोई को मनाने आए दो सगे भाइयों पर चाकू से हमला करके घायल कर दिया गया था। इस मामले में पीड़ित ने आरोपितों के खिलाफ पाकबड़ा थाने में साल 2000 में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में कोर्ट में विवेचक को चाकू पेश करने के आदेश दिए थे। लेकिन कोर्ट में विवेचना अधिकारी के द्वारा चाकू नहीं पेश किया गया। जिसके बाद कोर्ट ने एसएसपी को निर्देश दिए है कि पाकबड़ा थाना प्रभारी का स्पष्टीकरण तलब करते हुए कोर्ट में साक्ष्य के रूप में चाकू पेश किया जाए।

मैनाठेर निवासी जागन सिंह ने 27 नवंबर 2000 को पाकबड़ा थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित जागन सिंह ने आरोप लगाया था कि उसने बहन की शादी संतराम निवासी गिंदौड़ा थाना पाकबड़ा में की थी। शादी के बाद सुसराल वाले दहेज के लिए परेशान करते थे। 26 नवंबर 2000 को मारपीट कर बहन को घर से निकाल दिया था।

इस मामले में वार्ता करने के लिए जागन अपने दो छोटे भाई होशियार सिंह व हरस्वरुप के साथ बहन की सुसराल गया था। बातचीत के दौरान ही आरोपित शिवचरण और उसके बेटे संतराम व राम सिंह ने मिलकर होशियार और हरस्वरूप से मारपीट करने के साथ ही चाकू से हमला करके घायल कर दिया था।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय पुनीत कुमार गुप्ता की कोर्ट में चल रही है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनीष भटनागर ने बताया कि विवेचक ने घटना मे इस्तेमाल चाकू कोर्ट में अभी तक पेश नहीं किया है।

इस मामले में विवेचक को कई बार नोटिस जारी किए गए। लेकिन वह कोर्ट में चाकू पेश नहीं कर सके। इस मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद को पत्र भेजकर थाना प्रभारी पाकबड़ा से स्पष्टीकरण तलब करने के साथ ही चाकू पेश करने के आदेश दिए हैं। इससे पहले भी कोर्ट ने कुंदरकी थाना प्रभारी के खिलाफ तमंचा पेश नहीं करने पर कार्रवाई के आदेश दिए थे

Edited By: Vivek Bajpai