मुरादाबाद, जेएनएन। प्रदेश सरकार में सिंचाई एवं जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने किसानों को जून तक मध्य नहर का एक हिस्सा चालू करने का भरोसा दिलाया था लेकिन, कोरोना ने जमीन खरीदे जाने का काम ही बंद करा दिया। नहर के काम में लगे कई कर्मचारी और अधिकारियों की कोरोना ने जान ले ली। इसकी वजह से पूरा काम ठप हो गया था। अब फिर से काम शुरू होने जा रहा है। ईद के बाद मध्य नहर के अधिकारियों की जूम पर बैठक होगी। इसके बाद नहर का काम फिर से तेजी पकड़ेगा।

प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत मध्य नहर के निर्माण का काम चल रहा है। यह नहर बिजनौर, अमरोहा, सम्भल और मुरादाबाद के करीब चार लाख किसानों के लिए लाइफ लाइन साबित होगी। मध्य गंगा नहर परियोजना द्वितीय चरण का काम दिसम्बर 2021 तक पूर्ण होना था। लेकिन, कोरोना की दूसरी लहर और पंचायत चुनाव के शोर ने काम पूरी तरह से चौपट कर दिया। कोरोना में किसान सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात करने को ही तैयार नहीं हो रहे हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से किसान बाहर से आने वाले लोगों से मिलना भी पसंद नहीं कर रहे हैं। जमीन बेचने की बात तो संभव ही नहीं है। इसकी वजह से मध्य नहर के लिए जमीन खरीदने का काम रुका पड़ा है। इस नहर से 1.46 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी। वर्ष 2020-21 में कोविड महामारी के कारण वर्ष लाॅकडाउन होने पर भी 235 हेक्टेयर भूमि क्रय की गयी है। इस दौरान 122 किलोमीटर नहर का निर्माण हुआ एवं 157 पक्के कार्य पूर्ण कराए गए। मध्य गंगा नहर के अधीक्षण अभियंता केएम कंसल ने बताया कि काेरोना ने मध्य नहर के काम को बहुत प्रभावित किया है। इसकी वजह से कई अधिकारियों की जान चली गई। शासन ने अब कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए काम करने के लिए कहा है। मई में धनराशि भी मिलने की उम्मीद है। ईद के बाद अधिकारियों के साथ बैठक करके जमीन खरीदने का काम शुरू करेंगे। कोरोना खत्म होने के तीन महीने बाद नहर चालू हो जाएगी।

 

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