मुरादाबाद: लाकडाउन में बंद पड़े स्कूल में अपराधियों ने तमंचा फैक्ट्री का संचालन शुरू कर दिया था। बुधवार सुबह पुलिस ने स्कूल में छापेमारी कर चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। स्कूल प्रबंधक सहित तीन अभियुक्त फरार हो गए। पुलिस ने तमंचा फैक्ट्री से लगभग 150 निर्मित और अ‌र्द्धनिर्मित तमंचे व उपकरण बरामद किए। पकड़े गए चार आरोपितों में दो स्कूल में ट्यूशन पढ़ाने का काम करते थे।

पुलिस लाइन सभागार में एसपी देहात विद्यासागर मिश्र व सीओ डा. अनूप सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह साढ़े छह बजे पुलिस ने डिलारी थानाक्षेत्र के नाखूनका गांव स्थित आनंद पब्लिक स्कूल में छापेमारी की। इस दौरान महाप्रबंधक कार्यालय के अंदर तमंचा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई। यहां पर पुलिस को कोयला भट्ठी, बर्मा मशीन, कटर के साथ 150 निर्मित व अद्धनिर्मित तमंचे बरामद किए गए। पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए चार आरोपितों ने अपने नाम मुकेश कुमार शर्मा, प्रशांत आर्य, जयपाल सिंह व राजाराम बताया। पकड़े गए सभी नाखूनका गांव के ही निवासी है। जबकि तीन अभियुक्त मौके से फरार हो गए। जिसमें स्कूल का प्रबंधक धर्मानंद भटनागर निवासी पीपलसाना थाना भोजपुर के साथ ही अवैध तमंचे की सप्लाई करने का आरोपित मिक्की सैफी निवासी फरीदपुर डिलारी व सोनू पेंटर का नाम शामिल है। पुलिस अफसरों ने बताया कि फरार अभियुक्तों में मिक्की सैफी ही पूरी फैक्ट्री का संचालन करने के साथ तमंचे बेचने का काम करता था। इसी ने लाकडाउन में स्कूल के बंद होने पर यहां पर तमंचा बनाने का काम शुरू करने के लिए स्कूल प्रबंधक को आफर दिया था।

पकड़े गए तीन अभियुक्त पढ़ाते थे ट्यूशन

पकड़े गए चार अभियुक्तों में से तीन बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे। इसमें प्रशांत आर्य ने हिस्ट्री से व जयपाल ने अंग्रेजी से परास्नातक किया है। वहीं मुकेश भी स्नातक पास है। हालांकि तीनों अभियुक्तों ने मीडिया से बातचीत के दौरान खुद पर लगे आरोपों से इन्कार किया। इतना जरूर कुबूल किया कि उन्हें स्कूल में तमंचा फैक्ट्री संचालन की जानकारी थी, लेकिन वह डर की वजह से पुलिस को यह जानकारी नहीं दे पाए थे।

पांच हजार रुपये में काशीपुर भेजे गए तमंचे

डिलारी थानाक्षेत्र के नाखूनका गांव के स्कूल में संचालित होने वाली फैक्ट्री में बने तमंचों की सप्लाई उत्तराखंड के काशीपुर जनपद में की जाती थी। पकड़े गए अभियुक्त राजाराम ने बताया कि तमंचे बेचने का काम मिक्की सैफी के साथ ही सोनू पेंटर करता था। पांच से सात हजार रुपये में तमंचों की बिक्री की जाती थी।

छात्रवृत्ति घोटाले में फंस चुका है प्रबंधक

नाखूनका गांव स्थित आनंद पब्लिक स्कूल का नाम अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले में आ चुका है। साल 2017 में तीन करोड़ रुपये के घोटाले में इस स्कूल के संचालक धर्मानंद भटनागर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में वह जेल भी गया था।

15 हजार रुपये का पुलिस टीम को मिला इनाम

एसपी देहात विद्यासागर मिश्र ने तमंचा फैक्ट्री पकड़ने के मामले में डिलारी थाना पुलिस को 15 हजार रुपये का इनाम व प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। पुलिस लाइन सभागार में एसपी देहात ने डिलारी थानाध्यक्ष सतराज सिंह, उपनिरीक्षक उम्मेद सिंह, प्रवेश कुमार, मोहित नागर, मुहम्मद शान व हरिश्चंद्र को सम्मानित किया।

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