मुरादाबाद। जिले के डिलारी में ग्रामीणों का एक कदम इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने श्रमदान से न सिर्फ नजीर पेश की बल्कि उन लोगों को करारा जवाब भी दिया जो जन समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं हैं। कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया। श्रमदान कर खराब रास्ते को पूरी तरह से ठीक कर दिया। उनके इस कदम की सभी लोग सराहना कर रहे हैं। 

ये है पूरा मामला

गांव मिर्जापुर करीमुद्दीन में गांव के दो रास्ते हबीब के घर से वाहिद के घर तक लगभग 120 मीटर, बल्लू के घर से कलुआ इरशाद के घर तक लगभग 60 मीटर तक सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। बारिश होने पर जलभराव हो जाता था। इससे लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता था। इसे अलावा रास्ते में जलभराव होने से मच्छर पनप रहे थे। ग्रामीणों ने प्रधान से खराब रास्तों के निर्माण की मांग की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। कीचड़ भरे रास्तों से कई बुजुर्ग, बच्चे फिसलकर चोटिल हो गए। ग्रामीण कुछ दिन समस्या का समाधान होने का इंतजार करते रहे लेकिन किसी ने कोई पहल नहीं की। लगातार होती अनदेखी पर ग्रामीणों ने खुद ही रास्ता सही करने का ठान लिया। इसके बाद गांव निवासी कतुबुद्दीन हाकम ठेकेदार भूरा, खुर्शीद, कलुआ, मुमताज, रसीद, मकबूल, बाबू, मतलूब, नाजिर आदि ने श्रमदान कर खराब रास्तों को दुरुस्त कराया। 

 

Posted By: Narendra Kumar

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