मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Income Tax Return: रक्षाबंधन के अवसर पर बहन को कोई महंगी गिफ्ट दी है तो अपने आयकर रिटर्न में अवश्य भरें, अन्यथा गिफ्ट की कीमत बहन की आय में शामिल कर की जाएगी और उस पर आयकर की देनदारी हो जाएगी।

रक्षाबंधन के अवसर काफी संख्या में भाई बहन को 25 हजार से अधिक कीमत वाले गिफ्ट देते हैं। महंगे गिफ्ट में ज्वैलरी, वाहन, विदेश यात्रा भी हो सकती है। अधिकांश लोग महंगा गिफ्ट बहन के नाम से खरीदते हैं, महंगी गिफ्ट खरीदने पर दुकानदार बहन का पैन कार्ड की मांग करता है, पैन कार्ड देते ही स्वत: बहन की आय में महंगा गिफ्ट शामिल हो जाएगा, जिससे आयकर की देनदारी बन जाएगी।

दरअसल आयकर के नियम में प्रविधान है कि खून के रिश्ते में गिफ्ट देने या रुपये देने पर आयकर नहीं लिया जाएगा। गिफ्ट देने वाले भाई, पिता की आय मानी जाएगी। गिफ्ट देने के बाद अधिकांश लोग अपना रिटर्न भरते समय ध्यान नहीं देते हैं। खर्च की गई राशि आयकर की रिपोर्ट में अंकित भी नहीं होती है। इसी भूल के कारण गिफ्ट पाने वाले रिश्तेदार को आयकर देना पड़ जाता है। इससे मुक्ति पाने के लिए गिफ्ट देने वालों को फिर से रिटर्न दाखिल करना पड़ता है।

चार्टर्ड एकाउंटेंट पुनीत बर्मन ने बताया कि रिश्तेदार में गिफ्ट या रुपये देने पर आयकर नहीं देना होता है, लेकिन गिफ्ट देने वाले रिश्तेदार को रिटर्न में सूचना अंकित करना चाहिए, तभी रिश्तेदार आयकर देने से बच सकते हैं। आयकर रिटर्न भरवाने के लिए आने वालों से इसकी जानकारी ली जाती है। खून के रिश्ते में माता-पिता, भाई-बहन, बेटा-बेटी शामिल हैं।

Edited By: Vivek Bajpai

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