सम्भल: जिला अस्पताल समेत जनपद भर के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों का टोटा है। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है। यही नहीं झोलाछाप भी मालामाल हो रहे हैं।  प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की दशा सुधारने के लिए भले ही प्रयास कर रही हो, लेकिन सम्भल जिले में स्थिति बेहद ही खराब है। जनपद सम्भल में एक जिला अस्पताल, 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 27 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 4 अर्बन हेल्थ स्वास्थ्य केंद्र खोले गए है। जिससे इन अस्पतालों में गरीब तबके के लोग भी मुफ्त में दवाएं ले सके लेकिन यहां लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।

सरकारी अस्पतालों में 143 की जगह केवल 43 डाक्टर

जिला अस्पताल समेत सम्भल के सभी अस्पतालों में डाक्टरों का न होना मरीजों पर भारी पड़ रहा है।  ग्रामीण क्षेत्रों के लोग झोलाछाप से उपचार कराने को मजबूर है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति तो और भी ज्यादा खराब है। इन अस्पतालों में 143 डाक्टरों की तैनाती होनी चाहिए लेकिन कुल 43 डाक्टर ही इन अस्पतालों में मौजूद है। अक्सर सुर्खियों में रहने वाले जिला अस्पताल में भी कई डाक्टरों के पद रिक्त चल रहे है। कंपाउंडर के सहारे इलाज की व्यवस्था है। जहां चिकित्सक हैं भी वहां के लोग लेट-लतीफी से परेशान हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में रात को ताला लटकता है।      

Posted By: Narendra Kumar

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