मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Moradabad Ayushman Yojana Patient Facility : कोरोना महामारी की दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या देखकर हर कोई अस्पतालों में जाने से भी डर रहा था। संक्रमण हवा में फैलने की अफवाहों की वजह से गंभीर मरीजों को ही उपचार की सुविधा दी जा रही थी। लेकिन, ऐसे हालात में भी मरीजों को आयुष्मान योजना का पूरा लाभ मिला। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में 2,748 कोरोना संक्रमितों को इलाज की सुविधा मिली तो 2,377 दूसरी बीमारियों से पीड़ित मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए।

20 अप्रैल से अब तक 5,125 मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ दिया गया। जिला अस्पताल में योजना के तहत भर्ती होने वाले मरीजों के आपरेशन किए गए। इसके साथ ही जनरल मरीजों को भी इलाज की सुविधा दी गई। अस्पताल में आने वाले मरीजों को आयुष्मान हेल्प डेस्क पर भी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

बीमारी,                         मरीज,

कोविड-19,                    2748,

हृदय,                            20,

जनरल मेडिसिन,           1774,

जनरल सर्जरी,                111,

न्यूरोसर्जरी,                    07,

महिला रोग,                   62,

नेत्र रोग,                       325,

हड्डी,                            31,

बाल रोग,                       08,

यूरोलॉजी,                      39,

केस एक : 27 अप्रैल को दलपतपुर के 58 वर्षीय बुजुर्ग शिवराम को आंख में काला मोतिया होने की वजह से निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आंख में परेशानी अधिक होने की वजह से डॉक्टर ने कोरोना रिपोर्ट कराने के बाद आंख का आपरेशन कर दिया। अब ये पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनकी आंख में भी अब किसी तरह की दिक्कत नहीं है।

केस दो : 15 मई को सरकड़ा खास गांव के पास रहने वाले 36 वर्षीय कासिम अली की टांग टूट गई थी। इनका गोल्डन कार्ड बना हुआ था। इन्हें जिला अस्पताल लाया गया। कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इनका आपरेशन किया गया। आठ दिन के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। कुछ दिन की फिजियोथेरेपी के बाद अब कोई परेशानी नहीं है।

कोरोना महामारी के दौरान आयुष्मान योजना का लाभ लोगों को मिला है। कोरोना संक्रमित 2748 मरीजों को योजना का फायदा मिला। उनका पैसा खर्च नहीं हुआ। आयुष्मान रिंबर्समेंट के तहत योजना का लाभ दिया गया।डॉ. दिनेश कुमार प्रेमी, नोडल आयुष्मान योजना

 

Edited By: Narendra Kumar