मुरादाबाद,जेएनएन। अयोध्या मामले में फैसला आने से पहले कानून के डर तो आपसी सद्भाव को बढ़ाने के लिए वाट्सएप ग्रुप एडमिंस ने सक्रियता दिखाई। कई ग्रुपों पर एडमिंस ने देर रात ही सेटिंग में बदलाव करके ग्रुपों पर अन्य सदस्यों के मैसेज भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया। वहीं कई ग्रुपों को देर रात ही खत्म कर दिया गया। इसके अलावा सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर भी प्रेम, भाईचारे का संदेश ट्रोल होता दिखाई दिया। मजहब व धर्म से परे लोगों ने आगे आकर एक ङ्क्षहदुस्तान की अपील की। 

देर रात जैसे ही खबर सामने आयी कि सुप्रीम कोर्ट शनिवार को अपना फैसला सुनाएगा। सोशल मीडिया पर आग की तरह यह खबर ट्रेंड करने लगी, इसके बाद आपसी भाई चारे और सौहार्द को बढ़ाने वाले संदेश भी ट्रोल होने लगे। वाट्सएप से लेकर फेसबुक, इंस्टाग्राम व ट््िवटर पर ऐसे संदेश सामने आए, जिससे भाईचारे की अनूठी मिशाल पेश हुई। सभी ने एक सुर में संदेश दिया कि कोर्ट का फैसला चाहें कुछ भी हो हमें ङ्क्षहदुस्तान के लिए जीना है और इसे ही जिताना है। 

पुलिस की सक्रियता का दिखा डर 

सोशल मीडिया पर पुलिस की सक्रियता का डर दिखाई दिया। खबर सामने आते ही देर रात कई वाट्सएप ग्रुप पर ग्रुप एडमिंस ने पहल करते हुए सेटिंग्स में बदलाव किया, जिसके बाद सिर्फ ग्रुप एडमिन ही संदेश भेज सकते थे, इसके अलावा किसी और को इसकी इजाजत ग्रुप एडमिन ने नहीं थी। गौरतलब है कि सोशल मीडिया में खासकर वाट्सएप पर पुलिस ने निगरानी बढ़ाई थी और किसी भी अफवाह के प्रसार पर सीधे ग्रुप एडमिंस पर कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। 

 

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