रामपुर (भास्कर सिंह)। कूड़े का निस्तारण न होना बड़ी समस्या बनता जा रहा है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में कूड़े के डिस्पोजल की व्यवस्था न होने से जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे रहते हैं, जिसकी बदबू से आसपास की आबादी परेशान रहती है। जिले की छोटी सी नगर पंचायत मसवासी इस मामले में मिसाल बन गई है। नगर पंचायत ने कूड़ा निस्तारण के लिए एक निजी कंपनी के सहयोग से क्षेत्र से निकलने वाले कचरे का उपयोग खाद बनाने में किया है। इसके साथ ही ट्रंचिंग ग्राउंड के चारों ओर पेड़-पौधे लगाकर उसे पार्क की शक्ल दे दी। इसका असर नजर आने लगा है। ढाई एकड़ में फैले ट्रचिंग ग्राउंड की सूरत ही बदल गई है। पहले यहां कूड़े की बदबू से लोग परेशान थे, लेकिन अब यहां हरियाली है।

एक साल पहले शुरू हुई थी कवायद

मसवासी नगर पंचायत अध्यक्ष हरिओम मौर्य बताते हैं कि सुल्तानपुर पट्टी रोड किनारे क्षेत्र का कूड़ा डाला जाता था। वहां आसपास काफी बदबू रहती थी। लोग इस बारे में कई बार शिकायत करते थे। तब हमने इसके निस्तारण के प्रयास शुरू किए। हमें पता चला कि रामपुर में अजय कुमार आह्वान नाम की एक संस्था चला रहे हैं। उनकी संस्था सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर काम करती है। हमने संस्था से संपर्क किया और कूड़ा निस्तारण पर काम करने के लिए एक साल के लिए अनुबंध किया। नगर पंचायत अध्यक्ष हरिओम मौर्य कहते हैं कि संस्था ने यहां कूड़े से खाद बनाने का काम शुरू कर दिया। इसके साथ ही ट्रचिंग ग्राउंड के चारों ओर पार्क बनवाया। उसमें घास और पौधे लगवाए। अब यहां से गुजरने वालों को कूड़े की बदबू से निजात मिल चुकी है।

आह्वान संस्था के तकनीकी विशेषज्ञ अजय कुमार 2010 से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर काम कर रहे हैं। वह बताते हैं कि कोई भी नगर पालिका कूड़े से तैयार खाद बेचकर अतिरिक्त आय कर सकती है। मसवासी नगर पंचायत के लिए हमने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पांच किलो के खाद के पैकेट खाद तैयार करके दिए,जिसे नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा किसानों को बंटवाया गया। किसानों ने खाद इस्तेमाल की इच्छा जताई है। भविष्य में हम पांच से लेकर 25 किलो तक के पैकेट बनाकर नगर पंचायत को देंगे।

 

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