मुरादाबाद। बिलारी में कक्षा छह और नौ की छात्राएं स्कूल नहीं पहुंची। इधर-उधर घूमती रही। इसी बीच दूसरे के मोबाइल से परिवार के लोगों को फोन करके अपहरण होने की झूठी सूचना दे दी। इससे हड़कंप मच गया। परिवार और कालेज का स्टाफ  छात्राओं को ढूंढता रहा। छुट्टी होने के समय से एक घंटे पहले ही छात्राएं घर पहुंच गई। तब परिवार ने राहत की सांस ली। परिवार के लोग छात्राओं को कोतवाली लेकर पहुंचे तो सच्चाई सामने आ गई। 

नगर में मनकूला रोड स्थित एक इंटर कॉलेज में नगर के एक मुहल्ला निवासी चौदह वर्षीय छात्रा कक्षा नौ में पढ़ती है। वहीं ग्यारह वर्षीय छात्रा छठी में पढ़ती है। दोनों ही सवेरे घर से कालेज जाने को निकली थीं लेकिन वह कालेज नहीं पहुंची। इस दौरान लोगों ने इधर-उधर घूमते  देख लिया। इससे छात्राओं के मन में इस डर बैठ गया कि घर वाले उन्हें डांटेंगे। इसकी वजह से उन्होंने दूसरे फोन से खुद के अपहरण की सूचना दे दी। बताया कि स्कूल जाते वक्त एक मारुति वैन ने टक्कर मारकर उन्हें वैन में बैठा लिया। इसके बाद जंगल में छोड़कर चले गए। इसकी जानकारी मिलते ही परिवार के लोगों ने परिजनों को सूचना दे दी। दो छात्राओं के अपहरण की खबर से कोतवाली पुलिस भी सकते में आ गई। कोतवाली प्रभारी गजेंद्र त्यागी, नगर चौकी प्रभारी संदीप बालियान छात्राओं को ढूंढने में जुट गए। दोनों छात्राएं बाद में खुद ही घर पहुंच गर्द। परिवार व कालेज स्टाफ दोनों छात्राओं को लेकर कोतवाली पहुंचा। जहां महिला दारोगा बिंदेश देवी ने दोनों छात्राओं के बयान दर्ज किए। तब उन्होंने बताया कि स्कूल नहीं जाने के कारण वह इधर-उधर घूमती रही। लिहाजा उन्होंने परिवार के लोगों की डांट से बचने के लिए अपहरण का ड्रामा रच दिया। 

 

Posted By: Narendra Kumar

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