मुरादाबाद (आशुतोष मिश्र)। संपूर्ण स्वच्छता अभियान को सफल बनाने की सरकारी कोशिशों का बुरा हाल है। शौचालय निर्माण प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है लेकिन, यह ड्रीम प्रोजेक्ट मुद्रा मोचन का हथियार बन गया है। आधे- अधूरे शौचालय दिखाकर अनुदान निकाल लिया गया।

यह है मामला 

केंद्र सरकार के धन से संचालित ग्रामीण स्वच्छ शौचालय योजना के धन का बेजा उपयोग हो रहा है। जिस कार्य के लिए सरकार पैसे दे रही है उससे प्रधान, सचिव और विभाग के लोग जेब भर रहे हैं। डीएम द्वारा कराई जा रही जांच में इस बात के प्रमाण मिल रहे हैं। कुंदरकी ब्लाक के मुडिया भीकम की प्रधान और सचिव के खिलाफ करीब आठ लाख की रिकवरी जारी कर दी गई है।

शौचालय निर्माण में मानकों की अनदेखी

तख्तपुरहासा, मिठनपुर, सुंदरपुर, सरदार नगर, कल्याण, महेश मांड्री, ठीकरी, मुडिय़ाराजा, ग्वालखेड़ा, लपेड़ा, मदनापुर, ऊंचाकानी, कुंदरकी जैसे 57 ग्राम सभाओं में शौचालय निर्माण मेंं मानक की अनदेखी और बिना आवेदक के सरकारी धन की लूट प्रमाणित हो चुकी है। हर गांव में शौचालय निर्माण के नाम पर दिखावा किया गया है। कहीं पूरी दीवार तैयार है तो कहीं सीट नहीं लगी है। मुडिय़ा भीकम गांव में तो 66 ऐसे लोगों के नाम पर अनुदान की धनराशि आहरित कर ली गई है, जिन्होंने विभाग से इस योजना की मांग ही नहीं की। पड़ताल में लदावली गांव के शौचालय आधे अधूरे बने मिले। जो बने हैं, उनका इस्तेमाल नहीं है। यानी की गांवों में सरकार का संकल्प लूटा जा रहा है।

शौचालय निर्माण योजना

ग्राम पंचायतें                                584

सरकार से मिलने वाली धनराशि     12 हजार रुपए

अब तक शौचालय बने                  200759

सरकारी सहयोग से बने शौचालय    197688

शौचालय के प्राथमिकता वाले पात्र

मुखिया महिला हो

आवेदक दिव्यांग हो

खेती की भूमि न हो

लघु-सीमांत किसान हो 

अनुसूचित वर्ग से हो

डीपीआरओ ने देखा गांव तो सन्न रह गए

शौचालय निर्माण और ग्राम पंचायत विकास का हकीकत देखने निकले जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश कुमार सिंह को कुंदरकी और बिलारी ब्लाक क्षेत्र के गांवों में सरकार की योजनाओं की पड़ताल में लापरवाही महसूस की। प्राथमिक विद्यालय अमरपुरकाशी में शौचालय, दीवार निर्माण और अन्य योजनाओं की लचर प्रगति ने नाराज कर दिया। बोले, जिम्मेदारों को सचेत किया है।

यूनिवर्सल सर्वे में संतृप्त होंगे बाकी परिवार

शौचालय बनवाने से वंचित लोगों के लिए सरकार ने यूनिवर्सल सर्वे शुरू कराया है। इस सर्वे के बाद जिनको सरकार से अनुदान नहीं मिला है, उन्हें विभाग फंड देगा। इसके बाद उनको भी शौचालय की सौगात मिलेगी।

 

Posted By: Narendra Kumar

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