मुरादाबाद, जेएनएन: कुदरत के आगे किसी का जोर नहीं.. जिस पिता ने नाजों से बेटी को पाला, बड़े अरमानों से उसका रिश्ता तय किया, शादी के सारे इंतजाम किए लेकिन, जब उस बेटी की विदाई की घड़ी आई तो खुद ही दुनिया छोड़कर चले गए। यह अत्यंत दुखद घटना घटी भगतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम महेशपुर खेम में। हालांकि, जिंदगी के नए सपने बुन रही बेटी को घर-परिवार के बड़े-बुजुर्गो ने यह दुख भरी खबर नहीं दी। सभी ने आंसुओं को छिपाते हुए पहले बेटी को विदा किया, बाद में पिता का जनाना निकला।

जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर भगतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम महेशपुर खेम निवासी मुन्नू सैफी की पुत्री की बुधवार को शादी थी। थाना मूंढापांडे क्षेत्र से आई बरात में मेहमानों को खाना खिलाने के बाद सभी परिवार वाले बेटी की विदाई की तैयारी कर रहे थे। तभी अचानक मुन्नू सैफी की हालत बिगड़ गई। स्वजन इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां ह्रदय गति रुकने से मुन्नू की मौत हो गई। घर पर बेटी की विदाई की तैयारी चल रही थी। घर के बड़े-बुजुर्गो ने निर्णय लिया कि बेटी को इस दुखद खबर की जानकारी नहीं देंगे। सभी ने पहले बेटी को घर से विदा किया, उसके बाद पिता का शव घर पहुंचा। बेटी को ससुराल पहुंचने के बाद पिता के निधन की जानकारी मिली। इस घटना से दोनों घरों में मातम छा गया। सुबह घर पहुंची बेटी पिता का शव देख चीखने-चिल्लाने लगी और फिर बेसुध हो गई। गुरुवार को दोपहर में शव दफन कर दिया गया।

भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी रिजवान, प्रदेश उपाध्यक्ष रेशम अली मंसूरी, ब्लाक अध्यक्ष सद्दाम सिद्दीकी, मीडिया प्रभारी गुलजार सैफी ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर ढांढस बंधाया।

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