मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Moradabad gang misdeed case:  युवती से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप प्रकरण में पूरी ही कहानी उलट गई है। पहले पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में पांच के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी। इस प्रकरण में पुलिस पीड़िता के फूफा और गवाह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। गुरुवार को पीड़िता के पिता ने दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराने वाले फूफा और गवाह के खिलाफ बेटी को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए थाना में तहरीर दी थी।

पीड़ित के पिता के अनुसार उसकी उसकी बेटी मानसिक रूप से कमजोर है। एक सितंबर की शाम करीब सात बजे वह गांव में लगे छड़ियों का मेले देखने के लिए निकल गई थी। तलाश करने पर सड़क किनारे पेट्रोल पंप के पास निर्वस्त्र हालत में मिली। घटना के बाद मेरा बहनोई घर आया था। वह बेटी को बहला-फुसलाकर बिना पूछे अपने साथ भोजपुर थाना ले गया। इस दौरान गांव के रईस के साथ अन्य लोगों ने मिलकर बेटी का निर्वस्त्र हालत वीडियो वायरल कर दिया।

आरोपितों ने मुझे पागल बताकर थाने में बेटी से सामूहिक दुष्कर्म की प्राथमिकी भी दर्ज करा दी। घटना के बाद परिवार और बेटी की बहुत बदनामी हो रही है। उन्होंने कोर्ट के सामने पेश होकर सामूहिक दुष्कर्म की घटना गलत बताया है। भोजपुर थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार को बदनाम करने और अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले में आरोपित फूफा और रईस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

पीड़िता का फूफा बोला घटना हुई, पुलिस पर प्रधान का दबाव

सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पीड़िता के फूफा के साथ ही गवाह रईस अपने बयान पर कायम हैं। पीड़िता के फूफा ने कहा कि लड़की का पिता दिनभर शराब पीता है। घटना के दिन उसकी पत्नी के पास फोन आया था, इसके बाद वह गांव पहुंचा था। उसने गांव में पता किया तो घटना के साथ ही पांचों आरोपितों के बारे में जानकारी हुई थी।

आरोपितों में ग्राम प्रधान के बेटे के साथ ही भाई और भतीजे भी शामिल हैं। गांव के लोगों ने घटना की पुष्टि की थी। लेकिन, ग्राम प्रधान की धमक के चलते कोई सामने आकर बोलने को तैयार नहीं हैं। वह भतीजी के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगा। पीड़िता के साथ ही उनके माता-पिता की मानसिक हालत सही नहीं है। पीड़िता के पिता को ग्राम प्रधान ने कालोनी और रुपयों का लालच दिया है।

गवाह रईस बोला, प्रधान ने मुंह बंद रखने की दी धमकी

सामूहिक दुष्कर्म के मामले में इकलौते गवाह रईस ने ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि घटना के दिन वह खेत पर मेड़ कटाई का काम कर रहा था। शाम के समय खेत से कुछ दूरी पर लड़की के चीखने और चिल्लाने की आवाज आई थी। जिसके बाद वह दौड़कर पहुंचा तो आरोपित मौके से लड़की को निर्वस्त्र छोड़कर भाग गए।

इसके बाद युवती भी निर्वस्त्र ही गांव की ओर चली गई थी। इसी दौरान पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी में उसका वीडियो भी आया है। रईस ने आरोप लगाया कि प्रधान का परिवार उसे लगातार धमकी दे रहा है। इस संबंध में एसएसपी को शिकायत पत्र भी दिया है।

ग्रामीणों ने घटना पर साधी चुप्पी

इस घटना को लेकर पूरे गांव में सन्नाटा है। पुलिस ने सात सितंबर को नितिन सैनी, कपिल सैनी, अजय सैनी के साथ इमरान और नौशे अली के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। नौशे अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि नितिन, कपिल और अजय के घटनास्थल पर नहीं होने का दावा किया गया है।

आरोपित नितिन ग्राम प्रधान का बेटा है। जबकि कपिल और अजय भतीजे हैं। अन्य दो आरोपित दोस्त हैं। इस घटना के संबंध में जब गांव के लोगों से बातचीत की गई, तो कोई भी बोलने को तैयार नहीं हैं। ज्यादातर लोगों ने कहा कि दोनों पक्ष एक ही बिरादरी के हैं।

एसएसपी हेमंंत कुटियाल ने कहा कि जांच के दौरान पीड़िता के स्वजन ने पुलिस और कोर्ट के सामने दिए बयान में घटना से इन्कार किया है। मेडिकल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामिणों ने जो शपथ पत्र दिए हैं, इनमें राजनीतिक रंजिश के चलते आरोपितों को फंसाने की बात कही गई है। इस मामले में पीड़िता के पिता की तहरीर पर भोजपुर थाने में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बाल कल्याण समिति ने की जांच

बुधवार को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष अमित कौशल के नेतृत्व में टीम गुरुवार को जांच करने के लिए गांव पहुंची। सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष ने बताया कि युवती के पिता के अलावा करीब 100 ग्रामीणों से बात की गई। सभी ने बताया कि युवती की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। युवती का मामा उसे इलाज कराने की बात कहकर अपने साथ ले गया था। मेडिकल रिपोर्ट में युवती की आयु 19 वर्ष है। दुष्कर्म की भी पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा रिपोर्ट और गिरफ्तारी पुलिस की जांच का विषय है।

Edited By: Vivek Bajpai