मुरादाबाद। हरियाणवी डांसर सपना चौधरी के खिलाफ बुधवार को मुरादाबाद में सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल हुआ है। सपना चौधरी पर जहां समाज में अश्लीलता फैलाने और युवाओं को भड़काने का आरोप है, वहीं प्रशासनिक अमला सरकारी धन के दुरुपयोग करने के आरोपों से घिर गया है। परिवाद स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सुनवाई की तारीख 29 जून तय की है।

परिवाद वकील डॉ. रामेश्वर दयाल तुरैहा ने दाखिल किया है। उन्होंने कोर्ट को इसके जरिये बताया है कि 11 जून की रात महानगर के रेलवे स्टेडियम में सपना चौधरी के कार्यक्रम का आयोजन कराया गया। कार्यक्रम के जरिए न सिर्फ भारतीय संस्कृति की छवि धूमिल करने की कोशिश हुई, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नजरंदाज करते हुए युवाओं को उकसाने का प्रयास हुआ। रात साढ़े दस बजे के बाद भी डीजे बजा। सपना चौधरी का सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित करते हुए समाज में अश्लीलता परोसी गई। इसका जितना कुसूरवार कार्यक्रम के आयोजक हैं, उतना ही सपना चौधरी भी हैं।

ङ्क्षहदू संगठनों के विरोध के बाद भी कार्यक्रम के आयोजन को लेकर रामेश्वर दयाल ने पुलिस को तहरीर दी लेकिन, गुहार अनसुनी कर दी गई। तब उन्होंने सीजेएम कोर्ट में बुधवार को परिवाद दाखिल कर दिया। कोर्ट ने परिवाद स्वीकार करते हुए सुनवाई की तारीख 29 जून तय की है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में कोर्ट का रुख क्या होता है?

 

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Posted By: Narendra Kumar

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