मुरादाबाद (मोहसिन पाशा)। महिला अपराध के आंकड़ों में तो कमी आई है। लेकिन, उन पर जुल्म की शिकायतें कम नहीं हो रहीं। इस साल नारी उत्थान केंद्र के काउंसलरों ने सैकड़ों घर बसाए हैैं। लेकिन, यहां अब भी 601 मामले लंबित हैैं। 253 मामलों में समझौते की गुंजाइश न होने पर मुकदमे दर्ज कराए गए हैैं। उनमें भी पुलिस को इंसाफ दिलाना है। महिलाएं इंसाफ के लिए चक्कर काट रही हैं। पॉक्सो एक्ट में दर्ज मुकदमों में इंसाफ मिलने में देरी हो रही है। 1,065 मामले अदालत में चल रहे हैैं। हालांकि बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के मामलों में पुलिस विभाग के पैरवी के लिए सेल बने हैैं।

नजीर है उत्थान केंद्र 

मुरादाबाद के पुलिस लाइंस में बना नारी उत्थान केंद्र प्रदेश पुलिस के लिए नजीर है। पुलिस के आला अधिकारियों के पास पहुंचने वालों की अर्जी यहां भेज दी जाती है। काउंसलर दोनों पक्षों को बुलाकर बात करते हैैं। इस पर यहां पारिवारिक वादों का सफलता पूर्वक निस्तारण हो रहा है। आंकड़े पर गौर करें तो वर्ष 2019 में 15 दिसंबर तक कुल 4013 मामले नारी उत्थान केंद्र पर आए। इनकी काउंसलिंग कराई गई। काउंसलिंग के बाद 3159 दंपती गिले-शिकवे भुलाकर फिर से साथ जीवन गुजारने को राजी हो गए। यहां आने वाले 253 वादों में समझौता नहीं हो पाया। इसके चलते पीडि़ताओं के आवेदन आगे बढ़ा दिए गए। पुलिस इन मामलों में मुकदमा लिखकर विवेचना कर रही है। लेकिन, महिलाओं को इंसाफ नहीं मिला है। नारी उत्थान केंद्र की इस सफलता को प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह भी स्वीकार कर चुके हैं। उन्होंने नारी उत्थान केंद्र की प्रभारी संध्या रावत के प्रयासों को सराहते हुए उन्हेें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया है।  

बड़ी घटनाएं होने पर टूटी नींद, फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित होंगी 

हमारी सरकारें महिलाओं के साथ जघन्य अपराध होने के बाद जागती हैैं। हर दफा की तरह ही हैदराबाद, उन्नाव व सम्भल की घटना के बाद जिम्मेदारों की नींद टूटी। सरकार ने पॉक्सो एक्ट की पीडि़तों को त्वरित न्याय व दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए प्रदेश में फास्ट ट्रैक बनाने का एलान कर दिया। लेकिन, इंसाफ तो तब मिलेगा, जब सिस्टम प्रतिबद्धता से अपने दायित्व निभाएं। पॉक्सो एक्ट के लंबित मुकदमे सरकार के लिए चिंता का सबब हैं। मुरादाबाद में भी ऐसे मुकदमों के निस्तारण की गति छह फीसद है। यह स्थिति तब है, जब दुष्कर्म व छेड़छाड़ की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।  

पुलिस और परिवार समझौते को बनाने लगता है दबाव 

सिविल लाइंस की युवती ने शादी का झांसा देकर चन्दौसी में तैनात दरोगा का दुष्कर्म का आरोप लगाता है। उसका कहना है कि महिला थाने की पुलिस आरोपित की मदद कर रही है। यही हाल लाइनपार में रहने वाली युवती का है। पीडि़ता ने सीआइएसएफ के दारोगा के खिलाफ मझोला थाने में मुकदमा लिखा रखा है। पुलिस आरोपित को गिरफ्तार करने के बजाय शादी की बात कर रही है। महानगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में युवती को तेजाब से जलाने की कोशिश हुई। युवती ने भाग कर जान बचाई। पुलिस ने आरोपित को मौके से दबोचा। बाद में पीडि़ता  पर परिवार वालों ने ही उसे बचाने के लिए दबाव बना दिया।  

सिर्फ 67 महिलाओं को मिली सजा 

पाक्सो एक्ट के कुल 1,131 मुकदमे दर्ज हुए। इनमें से महज 67 मुकदमे के आरोपितों की सजा अब तक मुकर्रर हो सकी है। कुल 1,065 पीडि़त व उनके परिजन अभी भी इंसाफ की राह ताक रहे हैं। 

पॉक्सो एक्ट में लिखे गए मुकदमों के तुलनात्मक आकड़े

जिला           2018     2019   

मुरादाबाद    121        128

रामपुर         45          71

बिजनौर       113         114

अमरोहा       35           35

सम्भल         79           72

कुल           393         420

पॉक्सो एक्ट मेंं सजा

वर्ष           2018        2019 

मुरादाबाद     04        16

रामपुर         02         05 

बिजनौर       02         08 

अमरोहा       01        10 

सम्भल        01          11 

कुल           10          50

महिलाओं के साथ होने वाले अपराध के आंकड़े   

अपराध          2018         2019     

हत्या              52              44      

दुष्कर्म           91              81      

अपहरण        261            153     

छेड़छाड़        29              24      

दहेज मृत्यु     36               26       

शीलभंग       298             249     

एंटी रोमियो स्क्वाड भी बने मददगार 

मुरादाबाद: जिले में 21 एंटी रोमियो स्क्वाड टीमें हैैं। हर थाने पर एक टीम शोहदों से निपटने के लिए गठित की गई है। महानगर में एक स्पेशल टीम बनी है। यह टीम शहर के स्कूलों और कोचिंग सेंटरों पर जाकर शोहदों को सबक सिखाती है। लड़कियों को सशक्त होने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। 71 हजार 354 से पूछताछ हुई। इनमें से 15 हजार 871 चेतावनी देकर छोड़ा गए। 183 मुकदमा दर्ज हुए हैैं। 44 शोहदों का शांतिभंग मेें चालान किया गया। 60 मोटर साइकिल सीज कर दिए।  

मदद के लिए इन नंबरों पर करें कॉल 

कंट्रोल रूम    यूपी- 112

महिला हेल्प लाइन   1090

आशा ज्योति केंद्र     181

चाइल्ड लाइन        1098

महिला थाना        9454404048

 

Posted By: Narendra Kumar

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