मुरादाबाद : सोशल मीडिया रिश्वतखोर अधिकारी और पुलिस कर्मियों के लिए घातक साबित हो रही है। कोई पुलिस कर्मी रुपये लेता है तो जागरूक लोग उस मामले की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। रुपये लेते वीडियो वायरल होने के बाद मजबूरन अधिकारियों को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ रही है। ऐसे मामले सम्भल में एक दो नहीं बल्कि वर्ष 2017 में आठ मामले सामने आए है। सभी के खिलाफ एसपी ने निलंबन की कार्रवाई की। कारगर साधन है सोशल मीडिया

भले ही लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह के पोस्ट डालकर गलत तरीके से इसका इस्तेमाल कर रहे हो, लेकिन सोशल मीडिया रिश्वतखोरों के चेहरे सामने लाने के लिए कारगर साधन है। तमाम पुलिस कर्मियों की गलत करतूतों को समाज के सामने ला रही है और अधिकारियों पर उनके खिलाफ कार्रवाई भी करनी पड़ रही है। भ्रष्टाचार रोकने में कारगर साबित हो रही सोशल मीडिया का जागरूक लोग जमकर उपयोग कर रहे हैं। पर वर्ष 2017 में आठ पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। क्योंकि इन पुलिस कर्मियों की रुपये लेते किसी ने वीडियो बना ली और उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों को भी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी। यह आठ मामले वह है जो जिनके खिलाफ कार्रवाई हुई है। कुछ मामले ऐसे भी सामने है जिनके खिलाफ वीडियो वायरल होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। अफवाह फैलाने का भी काम कर रही है सोशल मीडिया

भले ही सोशल मीडिया रिश्वतखोरों के चेहरे उजागर करने का काम कर रही हो, लेकिन लोग सोशल मीडिया के मध्यम से समाज में नफरत फैलाने का भी काम कर रहे हैं। तमाम बार ऐसे मामले सामने आते है। कि लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट कर तरह-तरह अफवाह फैलाते है। इसके बाद माहौल खराब होने का खतरा बना रहता है।

Posted By: Jagran