जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। Electricity Department Transfer : लोक निर्माण विभाग व स्वास्थ्य विभाग में घपला उजागर होने के बाद बिजली विभाग में स्थानीय स्तर पर तबादलों में मनमानी बरती गई। एक साल पहले तैनात अवर अभियंता (जेई) को भी दूसरे उपकेंद्र भेज दिया गया। मामला शासन स्तर तक पहुंचने पर आदेश रद कर दिए गए।

बिजली चोरी न रोक पाने को लेकर विभागीय अधिकारियों पर पहले ही आरोप लगते रहे हैं। अब 10 दिन पहले तबादले करने को लेकर वह सुर्खियों में हैं। जेई गजपाल को टाउनहाल से दौलतबाग, प्रवीन कुमार को दीवान का बाजार से टाउनहाल, संदीप यादव को गलशहीद से दिल्ली रोड, गौरी शंकर को एमडीए से देहात, प्रमोद कुमार को एमडीए से गलशहीद तबादला किया गया था।

बताया जाता है कि अधिकारियों ने चहेतों को मलाईदार उपकेंद्रों पर भेज दिया था। इनमें कई को नियम विरुद्ध भी हटाया। इसी बीच किसी ने शासन स्तर पर पूरा मामला पहुंचा दिया। वहां से फोन आने पर बीते दिवस तबादले निरस्त कर दिए गए। स्थानांतरित जेई में संदीप यादव और गौरी शंकर की तैनाती एक साल पहले ही की गई थी।

नियमानुसार सामान्य परिस्थिति में तीन वर्ष बाद जेई को हटाया जाना चाहिए। सभी जेई को स्थानांतरण आदेश मिलते ही नई तैनाती पर ज्वाइन करने को कहा गया था। सभी ने ज्वाइनिंग भी कर ली थी। अब आदेश रद होने से सभी को वापस किया गया है।

संवेदनशील पद पर नहीं रहने का निर्देश

एसडीओ पीतलबस्ती राजवीर कटारिया की वेतन वृद्धि पर एक साल तक रोक लगाने के साथ ही संवेदनशील पद पर नहीं रखा जाना चाहिए। एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मुख्य अभियंता को पत्र जारी कर उन्हें कार्यालय में संबद्ध करने को कहा है। आरोप है कि एक साल पहले अधिशासी अभियंता तृतीय के कार्यालय में एसडीओ कटारिया ने पूर्व एसडीओ सीतापुरी के बीच मारपीट हुई थी। इसकी जांच में कटारिया को दोषी माना गया। 10 दिन बीतने के बाद भी एमडी के निर्देश का पालन नहीं किया गया है। बताया जाता है कि अधिकारी जानबूझकर आदेश को टाल रहे हैं।

ये है गणित

शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों के बिजलीघर मोटी कमाई वाले हैं। इन बिजलीघरों पर लाइनलास के नाम पर बिजली चोरी से मोटी कमाई होती है। इस वजह से चहेतों को पुराने बिजलीघर पर ही रखा गया था। वहां तैनात जेई को हटा दिया गया। तबादलों को लेकर विभाग में व्यापक चर्चा है।

क्या कहते हैं अधिकारी

अधीक्षण अभियंता संजय गुप्ता ने बताया कि अभी एसडीओ पीतलबस्ती के बारे में उच्चाधिकारियों का आदेश नहीं मिला है। इसलिए उनको हटाया नहीं गया है। वैसे जानकारी मिली है इनके खिलाफ पुराने प्रकरण में कार्रवाई की गई है। अवर अभियंताओं के तबादले मुख्य अभियंता के स्तर से किए गए हैं। वह ही इस बारे में सही कारण बता सकते हैं।

Edited By: Samanvay Pandey