मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। बिजली बिल का बिकता है एरिया, बोलो खरीदोगे। जी हां, बिजली के मीटरों की रीडिंग की व्यवस्था निजी कंपनी के हाथों में है। कंपनी द्वारा दिया जाने वाला पैसा भी नाम के लिए है। चौंकाने वाली बात ये है कि भर्ती के समय 15 हजार रुपये, रीडर ही मशीन का रोल, स्टेशनरी और अन्य सामान भी अपने पास से खरीदता है। इसके बाद क्षेत्र के हिसाब से बुक की भी बोली लगाई जाती है। सबसे अधिक बोली लगाने वाले व्यक्ति को वो क्षेत्र दे दिया जाता है। अब आप खुद ही अंदाजा लगा लिजिये कि एक रीडर की मासिक इनकम कितनी होगी। मीटर रीडरों में इन दिनों नियुक्ति और क्षेत्र बुक के पैसों को लेकर बातचीत हो रही है। ऐसी ही आडियो वायरल होने पर रीडिंग के इस खेल की जानकारी हुई।

मीटर रीडिंग का ठेका निजी कंपनी के पास है। विभाग को रीडिंग से मतलब होता है। अगर कहीं मीटर रीडिंग में गड़बड़ी होती है तो बिल बनाने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई होगी। इसके लिए पहले ही निर्देशित किया जा चुका है। संजय कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता

Edited By: Narendra Kumar