मुरादाबाद, जेएनएन। श्रमजीवी एक्सप्रेस में इलाज के लिए यात्री तड़पता रहा लेकिन, एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर मुरादाबाद में चिकित्सक ने बीमार को देखने तक से इन्कार कर दिया। हापुड़ में डॉक्टर ने जांच की तो यात्री की मौत हो चुकी थी। इसको लेकर यात्रियों ने हापुड़ स्टेशन पर हंगामा किया। मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट मांगी है। 

ये है पूरा मामला

बिहार के ढुमरांव स्टेशन से नई दिल्ली के लिए 63 वर्षीय यात्री जीएन पाठक श्रमजीवी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच संख्या एस आठ की बर्थ संख्या 44 पर सवार थे। उनके साथ 14 वर्षीय पौत्र सुमन भी था। गुरुवार रात 12.35 बजे बरेली से चलने के बाद जीएन पाठक के सीने में दर्द शुरू हो गया। उन्होंने पौत्र सुमन को बताया। वह रोने लगा। आसपास के यात्री एकत्रित हो गए। इस पर सह यात्री पवन कुमार ने टीटीई को सूचना दी और चिकित्सक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। टीटीई ने तत्काल कंट्रोल को सूचना देकर मुरादाबाद में चिकित्सक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। एक घंटे पहले सूचना होने के बाद भी मुरादाबाद में रेलवे के चिकित्सक और एंबुलेंस नहीं होने से इलाज करने स्टेशन आने से इन्कार कर दिया और हापुड़ में चिकित्सक उपलब्ध होने की बात बताई। दर्द से यात्री जीके पाठक तड़पता रहा और रेलवे प्रशासन ने श्रमजीवी एक्सप्रेस को रवाना कर दिया। 

लापरवाही पर गुस्साए यात्रियों ने काटा हंगामा

रेलवे पुलिस ने शव को हापुड़ स्टेशन पर उतराने का प्रयास किया। गुस्साए यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। रेलवे की लापरवाही से यात्री की मौत हो गई है। रात में 14 साल के बच्चा शव को लेकर कहां जाएगा। गुस्साए यात्री तोडफ़ोड़ करने पर उतर गए। रेलवे पुलिस ने यात्रियों को शांत किया और शव को ट्रेन से दिल्ली ले जाने की अनुमति दी। इस दौरान फैजाबाद एक्सप्रेस, पदमावत एक्सप्रेस बीच रास्ते में रुकी रहीं। मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। आरोपित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट मांगी है।

Posted By: Narendra Kumar

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