मुरादाबाद: इस बार माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कक्षा एक से 12 तक राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें पढ़ाने का आदेश तो दे दिया है लेकिन शहर में यूपी बोर्ड की किताबें खरीदने पर दुकानदार 55 रुपये का रजिस्टर या गाइड लेने का दबाव डाल रहे हैं। उनके इस खेल से अभिभावकों और छात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

इस बार यह हुआ बदलाव

शहर में किताबों के इस खेल में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जहां बच्चों के भविष्य से जुड़ी किताबों के पर लंबा खेल खेला जा रहा है। दुकानदर यूपी बोर्ड की एनसीईआरटी की प्रत्येक किताब खरीदने पर 10-10 रुपए अतिरिक्त चार्ज वसूल रहा है। ¨प्रट रेट से अधिक पैसा देने से मना करने पर दुकानदार किताबें देने से ही इंकार कर रहा है। बुक डिपों के दुकानदार एक किताबों के साथ एक रजिस्टर लेने के लिए बाध्य कर रहे हैं। जहां एक रजिस्टर की कीमत लगभग 50 से 55 तक रुपए तक बताई जाती है।

ये बोले दुकानदार

शहर के दुकानदारों का कहना है कि केंद्रीय विद्यालय की एनसीइआरटी की किताबें और यूपी बोर्ड की किताबों पर दामों में काफी अंतर है और यूपी बोर्ड की किताबों पर किसी भी प्रकार की छूट न मिल पाने के कारण छोटे-बड़े दुकानदार किताब नहीं रख रहे है। छात्रों के अभिभावकों इस समस्या का हल नहीं निकल पा रहे है इस कारण मजबूरन में किताबों के साथ या तो अतिरिक्त रुपये या तो रजिस्टर लेना पड़ रहा है।

बोले अभिभावक

अभिभावक अवनीश अवस्थी का कहना है कि बच्चों की किताबों के लिए दुकानदर तरह-तरह का खेल रहे हैं, जिसमें प्रत्येक किताबों पर 10 से 20 रुपये अतिरिक्त वसूला रहे हैं।

Posted By: Jagran