जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। बिजली बिल बकाया होने से जिले के 27 मोबाइल टावर की बिजली काट दी गई है। इन क्षेत्रों में एक किलोमीटर के दायरे में नेटवर्क मिलना बंद हो गया है। बीएसएनएल प्रबंधक जिला प्रशासन से अनुरोध कर बिजली कनेक्शन को जुड़वाने का प्रयास कर रहे हैैं। 

केंद्र सरकार की ओर से बीएसएनएल को आर्थिक मदद की घोषणा के दो माह बाद भी फंड नहीं दिया गया। इससे अधिकारियों व कर्मियों को दिसंबर का वेतन अभी तक नहीं मिला है। बिजली जाने पर जनरेटर चलाने के लिए डीजल खरीदने के रुपये तक नहीं दे रहा है। 

चार सौ से अधिक है मोबाइल टावर 

मुरादाबाद, सम्भल, अमरोहा जिले में 240 स्थानों पर चार सौ मोबाइल टावर लगे हुए हैैं। इन जिलों में 74 टेलीफोन एक्सचेंज है। इसे चलाने के लिए बिजली व डीजल पर हर माह लगभग 65 लाख रुपये खर्च होता है। एक करोड़ रुपये बिजली का बिल बकाया है। बीएसएनएल के पास तीन लाख से अधिक मोबाइल उपभोक्ता है। 25 हजार टेलीफोन व दस हजार ब्राड बैैंड का कनेक्शन है। 

27 ग्रामीण क्षेत्रों से नेटवर्क गायब 

 बिल का भुगतान न होने से बिजली का कनेक्शन कटने से मुरादाबाद जिले के सात, अमरोहा जिले के नौ और सम्भल जिले के 11 गांवों के एक किलो मीटर क्षेत्र में नेटवर्क गायब हो गया है। जिससे लगभग दस हजार मोबाइल उपभोक्ता परेशान है।

बीएसएनएल के महाप्रबंधक संजय प्रसाद ने कहा कि जिला प्रशासन से बिजली का कनेक्शन जुड़वाने के लिए अनुरोध किया है। गुरुवार सुबह तक बिजली का कनेक्शन जोड़ दिया जाएगा। बकाया बिल के भुगतान के लिए मुख्यालय से बजट मांगा है। 

 

Posted By: Narendra Kumar

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